दिल्ली-एनसीआर में मौसम का बड़ा उलटफे़र: गरज के साथ बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट
नई दिल्ली: दिल्ली और आसपास के इलाक़ों (NCR) में कड़ाके की ठंड के बीच अब मौसम एक बार फिर करवट लेने को तैयार है। यही वजह है कि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने ताज़ा बुलेटिन जारी करते हुए चेतावनी दी है कि 23 जनवरी 2026 को राजधानी और आसपास के शहरों में मौसम अचानक बदल जाएगा। इस दौरान गरज-चमक के साथ बारिश और वज्रपात (बिजली गिरने) की प्रबल आशंका जताई गई है।
पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) का असर
मौसम वैज्ञानिकों के बक़ौल, उत्तर भारत में सक्रिय हुए एक तीव्र पश्चिमी विक्षोभ की वजह से यह बदलाव आ रहा है। इसकी वजह से अरब सागर से आने वाली नम हवाएं मैदानी इलाक़ों में बारिश की स्थिति पैदा कर रही हैं। 22 जनवरी की शाम से ही दिल्ली के आसमान में बादलों की आवाजाही शुरू हो गई है, जिसके और घने होने के आसारा जताए जा रहे हैं।
मुख्य बिंदु: कल कैसा रहेगा मौसम?
समय पूर्वानुमान
सुबह (तड़के) हल्की बूंदाबांदी और घने बादल, न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी।
दोपहर गरज के साथ मध्यम बारिश और 30-40 किमी/घंटा की रफ़्तार से तेज़ हवाएं।
शाम/रात रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।
तापमान अधिकतम तापमान 18-20°C और न्यूनतम 11-13°C रहने का अनुमान।
वज्रपात और ओलावृष्टि की चेतावनी
IMD ने केवल बारिश ही नहीं, बल्कि वज्रपात (Lightning) को लेकर भी येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग का कहना है कि 23 जनवरी को दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, ग़ाज़ियाबाद और फ़रीदाबाद के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ बिजली गिर सकती है। इसके अलावा, उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ मैदानी इलाक़ों में ओलावृष्टि (Hailstorm) की भी संभावना है।
प्रदूषण से मिल सकती है राहत
पिछले कई दिनों से दिल्ली-एनसीआर की हवा 'गंभीर' (Severe) श्रेणी में बनी हुई है। जानकारों का मानना है कि कल होने वाली बारिश और तेज़ हवाओं से वायु प्रदूषण में कमी आएगी और हवा साफ़ होने की उम्मीद है।
पहाड़ों पर भारी बर्फ़बारी
मैदानी इलाक़ों में बारिश के साथ-साथ पहाड़ी राज्यों जैसे हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में 23 जनवरी को भारी बर्फ़बारी और बारिश का अलर्ट है। इसका सीधा असर 24 जनवरी से दिल्ली के तापमान पर पड़ेगा, जिससे ठिठुरन एक बार फिर बढ़ जाएगी।
सावधानी बरतें: > बहरहाल, मौसम विभाग ने सलाह दी है कि बारिश और बिजली कड़कने के दौरान पेड़ों के नीचे न खड़े हों और बिजली के उपकरणों से सावधानी बरतें। वाहन चालकों को भी गीली सड़कों और कम विज़िबिलिटी के कारण धीमी गति से चलने के निर्देश दिए गए हैं।