भारतीय रेलवे का नया युग: हावड़ा पहुंची देश की पहली 'वंदे भारत स्लीपर' ट्रेन
हावड़ा जंक्शन: भारतीय रेलवे के इतिहास में आज एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। भारत की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन (Train No. 27576) अपनी पहली सफ़ल कमर्शियल यात्रा पूरी कर आज सुबह 08:15 बजे हावड़ा जंक्शन रेलवे स्टेशन पहुंची। यह सेमी-हाई-स्पीड ट्रेन कल शाम 18:15 बजे असम के कामाख्या रेलवे जंक्शन से रवाना हुई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 17 जनवरी को दिखाई गई हरी झंडी के बाद, इस ट्रेन ने अपनी पहली नियमित सेवा के साथ ही यात्रियों का दिल जीत लिया है।
रफ़्तार और समय की बड़ी बचत
कामाख्या से हावड़ा के बीच लगभग 966 किमी की दूरी तय करने वाली यह ट्रेन उत्तर-पूर्व और पूर्वी भारत के बीच कनेक्टिविटी को एक नए स्तर पर ले गई है।
समय में कटौती: जहां सराईघाट एक्सप्रेस जैसी प्रीमियम ट्रेनें इस रूट पर 16 घंटे से अधिक का समय लेती हैं, वहीं वंदे भारत स्लीपर ने यह सफर मात्र 14 घंटे में पूरा किया।
गति: हालांकि इसकी परीक्षण गति 180 किमी/घंटा है, लेकिन इसे वर्तमान में ट्रैक क्षमताओं के अनुसार 130 किमी/घंटा की परिचालन गति पर चलाया जा रहा है।
'फ्लाइट' जैसी सुविधाएं और कोच कंपोज़िशन
यह ट्रेन न केवल अपनी गति के लिए, बल्कि अपनी अत्याधुनिक सुख-सुविधाओं के लिए भी चर्चा में है।
ट्रेन में कुल 16 कोच हैं:
श्रेणियां: 11 कोच थर्ड एसी (AC 3-Tier), 4 कोच सेकंड एसी (AC 2-Tier) और 1 कोच फर्स्ट एसी (First AC)।
वंदे भारत स्लीपर की विशेषताएं:
बेहतर कुशनिंग: अंतरराष्ट्रीय मानकों के मुताबिक़ आरामदायक और एर्गोनोमिक बर्थ।
शॉवर सुविधा: फर्स्ट एसी यात्रियों के लिए पहली बार 'हॉट शॉवर' की सुविधा।
स्वचालित दरवाज़े: कोचों के बीच 'ऑटोमैटिक स्लाइडिंग डोर' और मुख्य द्वार।
सुरक्षा: कवच (KAVACH) एंटी-कोलिजन सिस्टम और हर कोच में CCTV कैमरे।
श्रेणी कामाख्या से हावड़ा का किराया (अनुमानित)
First AC (1A) ₹3,855
Second AC (2A) ₹3,145
Third AC (3A) ₹2,435
यात्रा का शेड्यूल (सप्ताह में 6 दिन)
यह ट्रेन यात्रियों के लिए सप्ताह में 6 दिन उपलब्ध रहेगी (कामाख्या से बुधवार को और हावड़ा से गुरुवार को छोड़कर)।
स्टेशन प्रस्थान (कामाख्या से) आगमन (हावड़ा)
कामाख्या (KYQ) शाम 18:15 —
न्यू जलपाईगुड़ी (NJP) रात्रि 23:30 —
मालदा टाउन (MLDT) सुबह 03:25 —
हावड़ा (HWH) — सुबह 08:15
महत्वपूर्ण जानकारी: इस ट्रेन में केवल 'कन्फर्म' टिकट वाले यात्री ही सफर कर पाएंगे। इसमें RAC या वेटिंग लिस्ट का प्रावधान नहीं है, ताकि यात्रियों की नींद और निजता में खलल न पड़े।
भारतीय रेलवे की यह पहल लंबी दूरी की रात्रिकालीन यात्रा को आरामदायक और तनावमुक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उम्मीद है कि 2026 के अंत तक देश के अन्य प्रमुख मार्गों पर भी ऐसी ही स्लीपर ट्रेनें शुरू की जाएंगी।