योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला: अब व्यावसायिक संपत्तियों की भी हो सकेगी 'गिफ्ट डीड'

By:  Mohd Juber Khan January 6th 2026 04:34 PM -- Updated: January 7th 2026 12:37 PM

लखनऊ: नए साल में उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेशवासियों को बड़ा तोहफ़ा दिया है। मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में सबसे महत्वपूर्ण निर्णय स्टांप और रजिस्ट्रेशन विभाग से जुड़ा रहा। अब आवासीय और कृषि भूमि की तरह ही औद्योगिक और व्यावसायिक संपत्तियों की रजिस्ट्री भी परिवार के सदस्यों के नाम पर महज़ ₹5,000 के स्टांप शुल्क पर की जा सकेगी।

कैबिनेट बैठक के प्रमुख फ़ैसले

कैबिनेट ने अलग-अलग विभागों से जुड़े 13 प्रस्तावों को मंज़ूरी दी है, जिनमें से मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:

संपत्ति हस्तांतरण में राहत: पूर्व में रक्त संबंधी (माता-पिता, पति-पत्नी, संतान आदि) को केवल आवासीय या कृषि भूमि उपहार में देने पर ₹5,000 के स्टांप की सुविधा थी। अब इसे व्यावसायिक और औद्योगिक संपत्तियों के लिए भी लागू कर दिया गया है। इससे पहले शहर में ऐसी रजिस्ट्री पर 7% और ग्रामीण क्षेत्रों में 5% शुल्क देना पड़ता था।

सेमीकंडक्टर नीति में संशोधन: उत्तर प्रदेश को ग्लोबल हब बनाने के लिए जनवरी 2024 में आई सेमीकंडक्टर पॉलिसी में सुधार किया गया है। अब ₹3,000 करोड़ से अधिक का निवेश करने वाली इकाइयों को सरकार 'केस-टू-केस' आधार पर विशेष सब्सिडी और रियायतें प्रदान करेगी।

फर्ज़ी यूनिवर्सिटी पर कार्रवाई: शिकोहाबाद स्थित जेएस विश्वविद्यालय की मान्यता ख़त्म कर उसे परिसमाप्त (dissolve) करने का फ़ैसला लिया गया है। जांच में इस विश्वविद्यालय द्वारा फर्ज़ी मार्कशीट जारी करने और बिना मान्यता के कृषि कोर्स चलाने की पुष्टि हुई थी।

शिक्षा और ऑफ-कैंपस विस्तार: मेरठ के IIMT विश्वविद्यालय को ग्रेटर नोएडा में अपना 'ऑफ-कैंपस' केंद्र संचालित करने के लिए प्राधिकार पत्र (Authorization) जारी करने के प्रस्ताव को मंज़ूरी दी गई।

रजिस्ट्री कार्यालयों के लिए भूमि: कुशीनगर और झांसी में नए रजिस्ट्री कार्यालयों के निर्माण हेतु भूमि आवंटन के प्रस्ताव पर भी मुहर लग गई है।

ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC): उद्योग विभाग द्वारा तैयार की गई जीसीसी नियमावली को मंज़ूरी दी गई है, जिससे प्रदेश में बहुराष्ट्रीय कंपनियों के बैक-ऑफिस और तकनीकी केंद्रों की स्थापना को बढ़ावा मिलेगा।

बैठक का राजनीतिक महत्व

यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हाल ही में दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाक़ात करके लौटे हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि इस कैबिनेट बैठक के बाद जल्द ही उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल का विस्तार भी हो सकता है, जिसमें 6 नए चेहरों को शामिल किए जाने की संभावना है।

कुल-मिलाकर योगी सरकार का यह क़दम ख़ास तौर पर व्यापारियों और उद्यमियों के लिए "ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस" की दिशा में एक बड़ा सुधार माना जा रहा है। व्यावसायिक संपत्तियों के पारिवारिक हस्तांतरण में मिलने वाली छूट से विवादों में कमी आएगी और निवेश की प्रक्रिया सरल होगी।

और पढ़ें:-  योगी-मोदी मुलाक़ात 

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