यूपी बना देश का 'इन्फ्रास्ट्रक्चर ग्रोथ इंजन': प्रगति पोर्टल से 97% समस्याओं का समाधान

By  Mohd Juber Khan January 13th 2026 05:28 PM

लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज 'प्रो-एक्टिव गवर्नेंस एंड टाइमली इम्प्लीमेंटेशन' (PRAGATI) मॉडल की सफ़लता का रिपोर्ट कार्ड पेश किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश ने फाइलों में अटकी योजनाओं और विभागों के बीच खिंचतान के दौर को पीछे छोड़ दिया है। तकनीक और जवाबदेही के मेल ने राज्य को विकास की एक्सप्रेस-वे पर ला खड़ा किया है।

आंकड़ों में प्रगति: ₹10.48 लाख करोड़ का निवेश

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि उत्तर प्रदेश वर्तमान में देश का सबसे बड़ा इन्फ्रास्ट्रक्चर पोर्टफोलियो संभाल रहा है:

कुल परियोजनाएं: राज्य में ₹10.48 लाख करोड़ की 330 बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाएं चल रही हैं।

पूर्ण कार्य: इनमें से ₹2.37 लाख करोड़ की 128 परियोजनाएं पूरी होकर चालू (Commissioned) हो चुकी हैं।

समयबद्धता: शेष 202 परियोजनाएं (मूल्य ₹8.11 लाख करोड़) अपनी निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरी होने की राह पर हैं।

'प्रगति' पोर्टल: केवल समीक्षा नहीं, एक कार्य संस्कृति

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह पोर्टल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विज़न "मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस" का जीवंत उदाहरण है।

त्वरित समाधान: इस प्लेटफॉर्म के ज़रिए लंबित मामलों और जन-शिकायतों के 97% हिस्से का समाधान सफ़लतापूर्वक किया जा चुका है।

विभागीय तालमेल: राजस्व, वन, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और नगर विकास जैसे विभाग अब एक ही डिजिटल मंच पर निर्णय लेते हैं, जिससे एनओसी (NOC) मिलने में होने वाली देरी ख़त्म हो गई है।

'बाटलनेक' से 'ब्रेकथ्रू' तक का सफ़र

मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि पहले उत्तर प्रदेश अपनी प्रशासनिक सुस्ती के लिए जाना जाता था।

नई पहचान: यूपी अब निवेश के लिए केवल 'फैसिलिटेटर' (सुविधा प्रदाता) नहीं, बल्कि विकास का 'एक्सेलेरेटर' (त्वरक) बन गया है।

टीम इंडिया स्पिरिट: प्रगति पोर्टल ने केंद्र और राज्य के बीच 'सहकारी संघवाद' (Cooperative Federalism) को मज़बूत किया है, जिससे बड़ी परियोजनाओं में भूमि अधिग्रहण और पर्यावरण क्लीयरेंस की बाधाएं दूर हुई हैं।

तकनीक का बढ़ता दखल

प्रेस कॉन्फ्रेंस में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना की मौजूदगी में सीएम ने बताया कि अब अधिकारियों को आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल टूल्स का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। 'मिशन कर्मयोगी' के तहत प्रशासनिक सुधारों को और तेज़ किया जा रहा है, ताकि भविष्य की चुनौतियों के लिए एक कुशल वर्कफोर्स तैयार रहे।

कुल-मिलाकर मुख्यमंत्री का यह संबोधन साफ़ करता है कि उत्तर प्रदेश अब अपनी विकास गाथा को 'प्रगति' जैसे तकनीक-आधारित प्लेटफॉर्म्स के ज़रिए वैश्विक स्तर पर ले जाने के लिए तैयार है। यह न केवल आर्थिक समृद्धि बल्कि रोज़गार सृजन के नए अवसरों के द्वार भी खोल रहा है।

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