यूपी विधानमंडल का शीतकालीन सत्र शुरू: आज पेश होगा अनुपूरक बजट
लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय की मौजूदगी में उत्तर प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र शुरू हो चुका है। सत्र के पहले दिन (19 दिसंबर) मऊ की घोसी सीट से समाजवादी पार्टी के दिवंगत विधायक सुधाकर सिंह के निधन पर शोक प्रस्ताव रखा गया, जिसके बाद सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई। शनिवार और रविवार को अवकाश रहने के कारण अब सोमवार (22 दिसंबर) से सदन में विधायी कार्यों की शुरुआत हुई।
सत्र का मुख्य एजेंडा और कार्यक्रम
विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना द्वारा स्वीकृत कार्यक्रम के अनुसार, इस छोटे लेकिन महत्वपूर्ण सत्र में कुल 5 कार्य दिवस होंगे:
22 दिसंबर (सोमवार): वित्त मंत्री सुरेश खन्ना वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए अनुपूरक बजट (Supplementary Budget) पेश करेंगे। इसी दिन 'वंदे मातरम' के महत्व पर सदन में करीब 5 घंटे की विशेष चर्चा प्रस्तावित है।
23 दिसंबर (मंगलवार): प्रश्नकाल और विधायी कार्यों के साथ-साथ अनुपूरक बजट पर चर्चा की जाएगी।
24 दिसंबर (बुधवार): अनुपूरक बजट पर मतदान होगा और विनियोग विधेयक (Appropriation Bill) पारित होने के साथ ही बजट पर अंतिम मुहर लगेगी।
8 महत्वपूर्ण अध्यादेश बनेंगे क़ानून
मानसून सत्र और इस सत्र के बीच उत्तर प्रदेश सरकार कुल आठ अध्यादेश (Ordinances) लेकर आई थी। सरकार की प्राथमिकता इन अध्यादेशों को विधेयक के रूप में सदन में पेश कर उन्हें क़ानून का रूप देने की है। इनमें शिक्षा, स्वास्थ्य और प्रशासनिक सुधारों से संबंधित महत्वपूर्ण प्रस्ताव शामिल हैं।
विपक्ष की घेराबंदी और हंगामे के आसार
सत्र छोटा होने के बावजूद विपक्ष ने सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने की पूरी रणनीति तैयार की है। समाजवादी पार्टी (सपा) ने निम्नलिखित विषयों पर चर्चा की मांग की है:
SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण): मतदाता सूची में गड़बड़ियों को लेकर विपक्ष सवाल उठा रहा है।
कफ़ सिरप मामला: दवाओं की अवैध तस्करी और गुणवत्ता के मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगा जाएगा।
किसान और बेरोजगारी: खाद की किल्लत और युवाओं को रोज़गार देने के वादों पर भी तीखी बहस होने की उम्मीद है।
"सदन जनता की आकांक्षाओं की अभिव्यक्ति का माध्यम है। सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है और विपक्ष के हर सवाल का सकारात्मक उत्तर दिया जाएगा।" — योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री (सर्वदलीय बैठक के दौरान)
विज़न 2047 पर चर्चा की 'बुक'
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि पिछले सत्र में 'विकसित उत्तर प्रदेश विजन-2047' पर लगातार 27 घंटे हुई ऐतिहासिक चर्चा को अब एक पुस्तक का रूप दिया जा रहा है। आईआईटी कानपुर के सहयोग से तैयार हो रहे इस विजन डॉक्यूमेंट के लिए प्रदेश भर से लगभग 98 लाख सुझाव प्राप्त हुए हैं।