प्रयागराज में भड़का छात्रों का आक्रोश: UPPSC में पारदर्शिता की मांग पर प्रदर्शन, पुलिस से भी हुई झड़प

By  Mohd Juber Khan December 15th 2025 04:13 PM

प्रयागराज: उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) की अलग-अलग भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, भ्रष्टाचार और पारदर्शिता की कमी को लेकर प्रतियोगी छात्र-छात्राओं का आक्रोश एक बार फिर प्रयागराज की सड़कों पर फूट पड़ा। सोमवार (15 दिसंबर, 2025) को छात्रों ने आयोग कार्यालय के बाहर एक बड़ा प्रदर्शन आयोजित किया, जिसमें पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़प देखने को मिली।

छात्रों ने मांग की है कि आयोग की सभी बड़ी भर्ती परीक्षाओं—जैसे पीसीएस (PCS), आरओ/एआरओ (RO/ARO)—की जांच उच्च स्तरीय समिति से कराई जाए और भविष्य की परीक्षाओं में फुल-प्रूफ पारदर्शिता लाई जाए।

प्रदर्शन और झड़प का विवरण

प्रदर्शन का केंद्र: सैकड़ों की संख्या में प्रतियोगी छात्र-छात्राएं सोमवार दोपहर सिविल लाइन्स स्थित UPPSC कार्यालय के बाहर जमा हुए।

प्रमुख मांगें: छात्रों की मुख्य मांगों में निश्चित समय पर कैलेंडर जारी करना, प्रत्येक परीक्षा के अंक और उत्तर कुंजी (Answer Key) को अनिवार्य रूप से प्रकाशित करना, और इंटरव्यू में धांधली की शिकायत शामिल थी। छात्रों ने आरोप लगाया कि कई महत्वपूर्ण परीक्षाओं में अंकों का मनमाना वितरण किया जाता है, जिससे योग्य उम्मीदवार पीछे रह जाते हैं।

पुलिस कार्रवाई: प्रदर्शन की सूचना मिलते ही भारी संख्या में पुलिस बल मौके़ पर तैनात कर दिया गया। जब छात्रों ने आयोग के गेट की तरफ बढ़ने की कोशिश की और घेराव करने का प्रयास किया, तो पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बल प्रयोग किया।

झड़प: छात्रों और पुलिस के बीच तीख़ी बहस हुई, जो जल्द ही धक्का-मुक्की और हाथापाई में बदल गई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए उन्हें बलपूर्वक खदेड़ा और कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया। इस दौरान कई छात्र नेताओं को चोटें आने की ख़बरें हैं।

छात्र नेताओं का आरोप

छात्र नेता अजीत सिंह ने मीडियाकर्मियों से बात करते हुए कहा, "UPPSC लगातार पारदर्शिता के नाम पर छात्रों को धोखा दे रहा है। आरओ/एआरओ परीक्षा में धांधली के सबूत सामने आए, लेकिन आयोग लीपापोती कर रहा है। हमारा भविष्य दांव पर है, और जब हम शांतिपूर्ण प्रदर्शन करते हैं, तो योगी सरकार की पुलिस हमें लाठियों से पीटती है।"

एक अन्य छात्र ने बताया कि आयोग द्वारा पिछले कुछ वर्षों में जारी किए गए परिणामों पर गंभीर सवाल उठते रहे हैं, और जब तक सरकार समस्त भर्ती प्रक्रिया की सीबीआई जांच की मांग स्वीकार नहीं करती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

क्या है UPPSC का पक्ष?

फ़िलहाल, UPPSC की ओर से इस प्रदर्शन पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। हालांकि, आयोग के सूत्रों का कहना है कि भर्ती प्रक्रियाओं में अधिकतम पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और सभी परीक्षाएं नियमानुसार संपन्न कराई जा रही हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि छात्रों द्वारा लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोप निराधार हैं।


शहर में सुरक्षा व्यवस्था

प्रयागराज में छात्रों के प्रदर्शन को देखते हुए, ख़ासकर लक्ष्मी टॉकीज चौराहा और सिविल लाइन्स क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। ज़िले के वरिष्ठ अधिकारियों ने छात्रों से शांति बनाए रखने और क़ानून को हाथ में न लेने की अपील की है।


प्रयागराज, जो कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का एक प्रमुख केंद्र है, में इस तरह के प्रदर्शन अक्सर होते रहते हैं, जो राज्य में रोजगार और भर्ती प्रक्रिया की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाते हैं।

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