'जल संरक्षण' के लिए राष्ट्रपति ने 'नगर निगम गोरखपुर' को दिल्ली में किया सम्मानित

By:  Mohd Juber Khan November 18th 2025 03:44 PM -- Updated: November 18th 2025 03:45 PM

गोरखपुर/दिल्ली: उत्तर प्रदेश की सीएम सिटी गोरखपुर एक और बड़े सम्मान की हक़दार बन चुकी है। दरअसल ‘जल संचय जन भागीदारी (जेएसजेबी) 1.0 अभियान’ में गोरखपुर नगर निगम ने राष्ट्रीय स्तर पर तीसरा स्थान हांसिल किया है। इसी एवज में विज्ञान भवन नई दिल्ली में राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने प्रशस्ति पत्र और 02 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान कर नगर निगम गोरखपुर को ये सम्मान दिया। बाक़ायदा महापौर डा. मंगलेश कुमार श्रीवास्तव और नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने राष्ट्रपति से ये पुरस्कार स्वीकार किया। आपको बता दें कि 'जल संचय जन भागीदारी अभियान' में बेहतर प्रदर्शन करने वाले देश के 21 नगर निगमों में उत्तर प्रदेश के दो शहर शामिल हैं। इसमें गोरखपुर नगर निगम को तीसरा और ग़ाज़ियाबाद नगर निगम को राष्ट्रीय स्तर पर पांचवा स्थान हांसिल हुआ है।

हालांकि प्रदेश स्तर पर गोरखपुर को पहला और ग़ाज़ियाबाद को दूसरा स्थान मिला है। राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ का रायपुर नगर निगम पहले, तेलंगाना का हैदराबाद नगर निगम दूसरे स्थान पर है। आपको बता दें कि  'जल संचय जन भागीदारी अभियान' में बेहतर प्रदर्शन करने वाले गोरखपुर नगर निगम ने बीते सालों में 14331 से ज़्यादा संरचनाएं पूरी कीं। गोरखपुर नगर निगम के महापौर डा. मंगलेश कुमार श्रीवास्तव की मानें तो तकिया घाट नाला के गुजरने वाले गंदे पानी को प्राकृतिक विधि से शोधित कर राप्ती नदी में डाला। 

मोती पोखरा की नैनो बबल तकनीक से सफाई की गई और कई पोखरों को अमृत सरोवर के रूप में विकसित कर उसमें गंदे पानी का प्रवेश रोका गया। यही नहीं, जल निगम नगरीय ने कई एसटीपी और सीवेज लाइनें डालकर बारिश के पानी की निकासी करने वाले नालों और घरों से इस्तेमाल किए हुए जल में सीवेज को रोकने की दिशा में काम किया।

शायद यही वजह है कि स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 में भी गोरखपुर को 'वॉटर प्लस सिटी' का दर्जा मिल चुका है। आपको बता दें कि नगर निगम गोरखपुर ने बड़ी तादाद में नए क्षेत्रों में जलापूर्ति के लिए पाइप लाइन और ट्यूबवेल भी लगाए हैं। इसके अलावा, अर्बन फ्लड मैनेजमेंट सिस्टम का भी इस उपलब्धि में अहम योगदान रहा है। साथ ही स्कूलों, स्वयं सहायता समूहों, आरडब्ल्यूए, व्यापार मंडलों और युवाओं को व्यापक रूप से जोड़ जल संरक्षण के लिए प्रेरित किया गया है। जल स्रोतों की जियो-टैगिंग, डिजिटल मॉनिटरिंग और श्रमदान जैसे नवाचारों ने जागरूकता को नई ऊंचाई दी गई है।

इस बात को कहना ग़लत नहीं होगा कि वर्ज़न गोरखपुर को देश के शीर्ष 10 नगर निगमों में तीसरा मक़ाम मिलना, ना केवल पूर्वांचल बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। यह उपलब्धि तमाम गोरखपुरवासियों की सक्रिय भागीदारी, नगर निगम टीम की प्रतिबद्धता और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ‌ के मार्गदर्शन का भी नतीजा है।

इस बाबत नगर आयुक्त गोरखपुर, गौरव सिंह सोगरवाल ने कहा कि गोरखपुर नगर निगम की यह उपलब्धि स्वच्छता और जल संरक्षण, दोनों क्षेत्रों में राष्ट्रीय मानक स्थापित करती है। यह सम्मान केवल निगम का नहीं, बल्कि गोरखपुर की जनता का भी है, जो महानगर को स्वच्छ, सुंदर और बेहतर भविष्य की ओर ले जा रही है।

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