अयोध्या के राम मंदिर में पीएम मोदी ने फहराया 'राम ध्वज', साक्षी बने योगी आदित्यनाथ और मोहन भागवत
GTC News: अयोध्या में बने भव्य श्री राम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर आज एक ऐतिहासिक क्षण दर्ज हुआ, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच 'धर्म ध्वज' (राम ध्वज) फहराया। इस अवसर पर उनके साथ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे।
शुभ मुहूर्त में हुआ ध्वजारोहण!
समय: ध्वजारोहण का यह पवित्र अनुष्ठान अभिजीत मुहूर्त के शुभ समय (लगभग 11:58 बजे से 12:30 बजे) के दौरान संपन्न हुआ, जिसने इस क्षण को और भी अधिक महत्वपूर्ण बना दिया।
ध्वज की विशेषता: मंदिर के 161 फीट ऊंचे शिखर पर फहराया गया यह भगवा ध्वज 22 फीट लंबा और 11 फीट चौड़ा है। इस पर भगवान श्री राम के तेज, शौर्य और उनके आदर्शों का प्रतीक 'उज्ज्वल सूर्य', 'ॐ', और 'कोविदार' (रामराज्य के ध्वज में अंकित राजचिन्ह) अंकित हैं।
क्या है इस समारोह का महत्व?
मंदिर के शिखर पर धर्म ध्वजा की स्थापना को मंदिर निर्माण कार्य की पूर्णता और सनातन धर्म के एक बड़े सांस्कृतिक उत्सव का प्रतीक माना जा रहा है।
पीएम मोदी ने की रामलला और राम दरबार की पूजा
ध्वजारोहण से पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम मंदिर के गर्भगृह में रामलला के दर्शन किए और विधिविधान से पूजा-अर्चना की। उन्होंने मंदिर की पहली मंजिल पर नवनिर्मित राम दरबार में भी संघ प्रमुख मोहन भागवत के साथ विशेष पूजा की। मंदिर परिसर में पीएम मोदी के पहुंचने पर जय श्री राम के नारों से माहौल गूंज उठा।
भव्य समारोह और गणमान्य हस्तियों की उपस्थिति
उपस्थिति: इस ऐतिहासिक समारोह में पीएम मोदी, मोहन भागवत और सीएम योगी आदित्यनाथ के अलावा उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल समेत देशभर से लगभग 7,000 गणमान्य व्यक्ति, संत और विद्वान मौजूद रहे।
सीएम योगी का संबोधन: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर को 'पीढ़ियों की प्रतीक्षा का साकार होना' बताया और कहा कि मंदिर के शिखर पर लहरा रहा यह केसरिया ध्वज नए भारत की संकल्पना और 140 करोड़ भारतीयों की आस्था का प्रतीक है।
अयोध्या में उत्साह: इस ऐतिहासिक कार्यक्रम को लेकर अयोध्या नगरी को भव्य रूप से सजाया गया था। पूरे शहर में भक्ति और उत्साह का माहौल था, जिसे 'विवाह पंचमी' के पावन मौके पर महामंगल उत्सव का रूप दिया गया।
यह ध्वजारोहण समारोह न केवल राम मंदिर के निर्माण में एक मील का पत्थर है, बल्कि यह देश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को विश्व पटल पर स्थापित करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।