बसपा के पूर्व एमएलसी मोहम्मद इक़बाल के ख़िलाफ़ ग़ैर ज़मानती वारंट जारी

By  Mohd Juber Khan December 3rd 2025 12:34 PM

लखनऊ: प्रवर्तन निदेशालय (ED) की अर्ज़ी पर, चीनी मिल घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के मामले में फ़रार चल रहे बहुजन समाज पार्टी (BSP) के पूर्व एमएलसी मोहम्मद इक़बाल के ख़िलाफ़ सीबीआई कोर्ट के विशेष न्यायाधीश ने ग़ैर ज़मानती वारंट (NBW) जारी कर दिया है। इसी बीच, कफ सिरप की अवैध तस्करी के मास्टरमाइंड ने राजधानी लखनऊ को अपना मुख्य केंद्र बनाया था।

पूर्व एमएलसी मो. इक़बाल पर शिकंजा

बसपा के पूर्व एमएलसी मो. इक़बाल पर शिकंजा कसता जा रहा है, जो लंबे समय से दुबई भागे होने की बात कही जा रही है।

मामला: यह वारंट चीनी मिल घोटाले और अवैध खनन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में जारी किया गया है।

कुर्क संपत्ति: ईडी अब तक इक़बाल की 4000 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति ज़ब्त कर चुकी है। इसमें सहारनपुर स्थित उनकी ग्लोकल यूनिवर्सिटी की 121 एकड़ ज़मीन भी शामिल है।

अन्य जांच: मो. इक़बाल के ख़िलाफ़ सीबीआई की भी जांच चल रही है। उन पर बसपा शासनकाल के दौरान चीनी मिलों को औने-पौने दामों पर खरीदने और अवैध खनन से अर्जित धन को इन संपत्तियों में लगाने का आरोप है।

कफ सिरप तस्करी का लखनऊ कनेक्शन

उत्तर प्रदेश में कोडाइन युक्त कफ सिरप की अवैध तस्करी के कारोबार के मास्टरमाइंड ने लखनऊ को अपनी गतिविधियों का केंद्र बनाया था।

मास्टरमाइंड: इस गिरोह के मुख्य भूमिका में मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल, अमित टाटा और बर्खास्त एसटीएफ सिपाही आलोक सिंह शामिल रहे हैं।

कारोबार: कोरोना काल के बाद से नशे के लिए इस सिरप का इस्तेमाल बढ़ गया, जिसका फ़ायदा उठाकर इन लोगों ने भारी मुनाफ़ा कमाया।

एजेंसियों की कार्रवाई

एसटीएफ ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए आलोक सिंह और अमित टाटा को गिरफ़्तार किया है, जबकि मुख्य मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल दुबई भाग गया है। ईडी अब इन तीनों की यूपी के अंदर की संपत्तियों की जांच कर रही है।

वित्तीय जांच: ईडी ने कफ सिरप तस्करी में बरते गए वित्तीय पैटर्न की जांच के लिए टीमें भी गठित की हैं, जिसमें कई सफ़ेदपोश लोगों के शामिल होने की आशंका है।

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