उत्तर प्रदेश को फार्मा हब बनाने बनाने के लिए आगे आया जापान

By  Mohd Juber Khan October 25th 2025 01:40 PM

लखनऊ: उत्तरप्रदेशवासियों के लिए जापान की तरफ़ से ख़ुशख़बरी आई है। दरअसल उत्तर प्रदेश को देश का फार्मास्युटिकल हब बनाने में जापान की कंपनियां मदद करती हुई नज़र आएंगी। सूत्रो की मानें तो जापान की कई बड़ी कंपनियां भारतीय फार्मा कंपनियों के साथ मिलकर उत्तर प्रदेश में निवेश करने का सोच रही हैं। यही नहीं, यूपी में फार्मा सेक्टर में निवेश बढ़ाने के लिए जापानी प्रतिनिधिमंडल के साथ राज्य सरकार के अधिकारियों के चर्चा भी हो चुकी है।

सीएम योगी के सलाहकार अवनीश अवस्थी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में जापान की 125 से ज़्यादा प्रमुख फार्मा कंपनियों ने हिस्सा लिया। वहीं भारत की ओर से टीआई मेडिकल्स, टॉरेंट फार्मा और थ्रीएक्सपर इनोवेंचर जैसी बड़ी कंपनियों के प्रतिनिधि भी मीटिंग में मौजूद थे। गौरतलब है कि हाल ही में उत्तर प्रदेश सरकार की एक टीम जापान के ओसाका प्रांत गई थी। इसी पहल को आगे बढ़ाते हुए इस बैठक का आयोजन किया गया।

स्टार्टअप्स की मौजूदगी से तैयार होगी रणनीति

अवनीश अवस्थी (सीएम योगी के सलाहकार) ने जापानी कंपनियों के प्रतिनिधियों को राज्य सरकार द्वारा फार्मा सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए चलाई जा रही योजनाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा, "यूपी एक अग्रणी फार्मा हब बनने की दिशा में तेजी से अग्रसर है। उन्होंने केजीएमयू, एसजीपीजीआई, दो एम्स, 200 से अधिक मेडिकल कॉलेज और 25 से अधिक मेडटेक स्टार्टअप्स की मौजूदगी के बारे में भी बताया, ये स्टार्टअप्स कॉन्ट्रैक्ट डिवेलपमेंट ऐंड मैन्युफैक्चरिंग ऑर्गनाइजेशन (सीडीएमओ) के लिए वर्कफोर्स तैयार करने का काम कर रहे है।"

इस मीटिंग में जापानी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व असोसिएशन के महानिदेशक डॉ. योशिकाजु हयाशी और चुओ गाकुइन विश्वविद्यालय की प्रफेसर अत्सुको कामीइके ने किया। इस दौरान इंवेस्ट यूपी के सीईओ विजय किरन आनंद समेत बड़ी संख्या में इंवेस्ट यूपी के अधिकारी मौजूद थे। बैठक के दौरान यूपी सरकार के प्रतिनिधियों ने जापानी प्रतिनिधिमंडल को बौद्ध सर्किट और ताजमहल का अनुभव लेने के लिए भी आमंत्रित किया, ताकि बात से बात निकले और बात से बात बने।

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