उत्तर प्रदेश में सरकारी भवनों को बनाया जा रहा है 'दिव्यांग हितैषी'

By  Mohd Juber Khan October 28th 2025 12:27 PM

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने एक और साहसिक फैसला लेते हुए दिव्यांगजनों को बड़ी राहत देने का मन बना लिया है। दरअसल उत्तर प्रदेश में दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण और समावेशी विकास की दिशा में लगातार कार्य हो रहा है। इसी कड़ी में वित्तीय वर्ष 2025-26 में सुगम्य भारत अभियान के दूसरे चरण के तहत राजधानी लखनऊ के पांच प्रमुख सरकारी भवनों को दिव्यांगजन हितैषी बनाने की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। इसके लिए बाक़ायदा 12 करोड़ रुपये से ज़्यादा की धनराशि मंज़ूर भी कर ली गई है। यह न केवल दिव्यांगों के लिए सरकारी भवनों में सुगम आवागमन सुनिश्चित करेगी, बल्कि सरकारी कार्यालयों को सभी के लिए सुलभ बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण है।

जनकल्याण की योजनाओं को ज़मीन पर उतारने के लिए सुगम्य भारत अभियान के तहत सार्वजनिक स्थलों को दिव्यांगजनों के लिए पूर्णतः सुलभ बनाया जा रहा है। भवनों का चिन्हित किया जा रहा है। इसके दूसरे चरण में लखनऊ के पांच भवनों को चिन्हित किया गया है। इसमें योजना भवन (हैवलॉक रोड), सिंचाई भवन (कैनाल कालोनी, कैन्ट रोड), ज़िला सेवायोजन कार्यालय (लालबाग़), विकास अनुवेषण, मूल्यांकन एवं प्रयोग तथा प्रशिक्षण प्रभाग (कालाकांकर हाउस, पुराना हैदराबाद) और सूडा नवचेतना केंद्र (10 अशोक मार्ग) शामिल हैं। 

दिव्यांगजनों को मिलेंगी कई ख़ास सहूलियत

जानकारी के मुताबिक़, इन भवनों में रैंप, लिफ्ट, ब्रेल साइनेज, व्हीलचेयर फ्रेंडली सैनिटरी यूनिट्स और विशेष पार्किंग जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। कार्य एक्सेस ऑडिट रिपोर्ट के अनुरूप होंगे, जिसमें लिफ्ट कार का आकार व्हीलचेयर सहित दो व्यक्तियों के लिए पर्याप्त रखा जाएगा, ताकि दिव्यांगजन सहजता से आ-जा सकें। दृष्टिबाधितों के लिए ब्रेल लिपि का व्यापक उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा, जबकि श्रवणबाधितों के लिए साइन लैंग्वेज सपोर्ट और विशेष अलार्म सिस्टम लगाए जाएंगे। दिव्यांगों के सम्मानजनक जीवन को बढ़ावा देने वाली नीतिगत प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

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