यूपी बनेगा 'कर्मयोगियों' का प्रदेश: सीएम योगी ने की मिशन कर्मयोगी की समीक्षा, 7 दिवसीय प्रशिक्षण अनिवार्य

By  Mohd Juber Khan January 7th 2026 03:30 PM

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजधानी लखनऊ में एक उच्च स्तरीय बैठक के दौरान 'मिशन कर्मयोगी' की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों की कार्यक्षमता को आधुनिक तकनीक और भारतीय मूल्यों के समन्वय से वैश्विक स्तर का बनाना है। बैठक में सीएम योगी ने साफ़ किया कि प्रशासनिक दक्षता को केवल अनुभव तक सीमित न रखकर इसे निरंतर प्रशिक्षण और तकनीक (AI) से जोड़ा जाएगा।

मिशन कर्मयोगी: प्रधानमंत्री मोदी की दूरदर्शी पहल

बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 'मिशन कर्मयोगी' प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक परिवर्तनकारी पहल है। इसका लक्ष्य एक ऐसा सक्षम मानव संसाधन तैयार करना है, जो 'नियम आधारित' (Rule-based) शासन के बजाय 'भूमिका आधारित' (Role-based) कार्यशैली को अपनाए।

एस. राधा चौहान ने प्रस्तुत किया खाका

कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन (CBC) की चेयरपर्सन श्रीमती एस. राधा चौहान ने उत्तर प्रदेश में मिशन के क्रियान्वयन की वर्तमान स्थिति पर एक विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने बताया कि:

उत्तर प्रदेश देश में iGOT (Integrated Government Online Training) प्लेटफॉर्म पर कर्मचारियों को ऑनबोर्ड करने में अग्रणी राज्य बनकर उभरा है।

राज्य के 18.8 लाख से अधिक कर्मचारी अब तक इस डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ चुके हैं।

उत्तर प्रदेश ने 2025 में राष्ट्रीय स्तर पर कुल ऑनलाइन कोर्स पूर्णता (Course Completion) में 99% की हिस्सेदारी दर्ज की है।

मुख्यमंत्री के कड़े निर्देश और नई कार्ययोजना

बैठक के दौरान सीएम योगी ने अधिकारियों को निम्नलिखित महत्वपूर्ण निर्देश दिए:

7 दिवसीय अनिवार्य प्रशिक्षण: सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए वर्ष में कम से कम 7 दिनों का क्षमता संवर्धन कार्यक्रम अनिवार्य होगा। इसे उनके ACR (Annual Confidential Report) और पदोन्नति (Promotion) से जोड़ा जाएगा।

AI और साइबर सुरक्षा: सभी विभागों के प्रशिक्षण पाठ्यक्रम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और साइबर सुरक्षा को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाएगा।

क्षेत्रीय कर्मियों पर फोकस: एएनएम (ANM), आशा बहुएं, पुलिस कांस्टेबल, और पंचायती राज संस्थानों के ज़मीनी स्तर के कर्मियों के लिए व्यवहारिक और कार्य-आधारित प्रशिक्षण को प्राथमिकता दी जाएगी।

iGOT पर स्थानीय कोर्स: सभी विभाग अपनी ज़रूरतों के मुताबिक़ विशिष्ट पाठ्यक्रम तैयार कर iGOT पोर्टल पर अपलोड करेंगे।

बुनियादी ढांचे का सुदृढ़ीकरण

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि UPAM (उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी) समेत प्रदेश के तमाम 790 सरकारी प्रशिक्षण संस्थानों को आधुनिक बनाया जाए। उन्होंने 'अमृत ज्ञान कोष' (iGOT का केस स्टडी प्लेटफॉर्म) का उपयोग करने पर ज़ोर दिया, ताकि कर्मचारी वैश्विक सफलताओं से सीख सकें।

                         प्रमुख आंकड़े: एक नज़र में

            विवरण                                          संख्या/स्थिति            

UP में ऑनबोर्ड कर्मचारी                       18.8 लाख (93% लक्ष्य पूर्ण)

पूर्ण किए गए ऑनलाइन कोर्स               72 लाख से अधिक

अनिवार्य प्रशिक्षण अवधि                        साल में 7 दिन

लक्ष्य                                                           2.2 करोड़ राज्य कार्मिकों को जोड़ना

कुल-मिलाकर इस समीक्षा बैठक से यह साफ़ है कि उत्तर प्रदेश सरकार अब 'गुड गवर्नेंस' के लिए तकनीक और व्यक्तिगत दक्षता पर सबसे अधिक निवेश कर रही है। 'मिशन कर्मयोगी' के माध्यम से यूपी का लक्ष्य एक संवेदनशील, उत्तरदायी और परिणामोन्मुख प्रशासनिक ढांचा तैयार करना है।

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