चंद्रशेखर आज़ाद ने लगाए गंभीर आरोप, कहा - "चुनाव आयोग बन रहा है हिटलर आयोग"

By  Mohd Juber Khan December 9th 2025 01:31 PM

नई दिल्ली: आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) के अध्यक्ष और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आज़ाद ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस  (9 दिसंबर, 2025) में मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर धांधली और कमजोर वर्गों के वोट काटे जाने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि उनका मानना है कि वर्तमान स्थिति में चुनाव आयोग (Election Commission of India - ECI) "हिटलर आयोग" बनता जा रहा है और सरकार को इन गंभीर मामलों का संज्ञान लेना चाहिए।

कमज़ोर वर्गों के वोट काटने का आरोप

सांसद चंद्रशेखर आज़ाद ने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि कमज़ोर वर्गों और महिलाओं के लिए वोट बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके और उनकी पार्टी के संज्ञान में यह आया है कि बहुत बड़े पैमाने पर वोट काटे गए हैं, जिसका सीधा असर समाज के वंचित तबकों पर पड़ रहा है।

उन्होंने ज़ोर देकर कहा:

"हम अपने वोट के अधिकार को नहीं जाने देंगे और बहुत बड़े पैमाने पर वोट काटे गए हैं। यह हमारे लिए एक गंभीर मुद्दा है।"

आज़ाद ने कहा कि यह कार्रवाई विशेष रूप से उन लोगों को प्रभावित कर रही है जो सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर हैं, और जिनका प्रतिनिधित्व मजबूत लोकतंत्र के लिए अत्यंत आवश्यक है।

मृत BLO पर उठाए सवाल

आज़ाद ने मतदाता सूची के रखरखाव और सत्यापन में शामिल बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) की मौत के मामले पर भी सवाल उठाए।

उन्होंने कहा:

"मरने वाले BLO SC, ST और OBC थे। यह एक पैटर्न है जिस पर ध्यान देने की ज़रूरत है।"

आज़ाद ने इन मौतों को केवल संयोग मानने से इनकार करते हुए, इसके पीछे की संभावित साज़िश या दबाव की ओर इशारा किया, जिसके कारण कमज़ोर वर्गों के BLO को अपनी जान गंवानी पड़ी। उन्होंने इन मामलों की गहन जांच की मांग की।

दो दिवसीय चर्चा और सरकार से मांग

सांसद आज़ाद ने घोषणा की कि उनकी पार्टी इस मुद्दे को लेकर लगातार 2 दिनों तक चर्चा करेगी और इन गंभीर अनियमितताओं को उज़ागर करते हुए अपनी बात रखेगी। उन्होंने कहा कि यह चर्चा न केवल पार्टी के भीतर, बल्कि जनमानस के सामने भी होगी ताकि इस मामले की गंभीरता को समझा जा सके।

उन्होंने सीधे तौर पर सरकार को संबोधित करते हुए कहा:

"यह ज़रूरी है कि सरकार अपना संज्ञान ले। लोकतंत्र को बचाने के लिए इन आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।"

"चुनाव आयोग बन रहा है हिटलर आयोग"

प्रेस कॉन्फ्रेंस का सबसे तीख़ा बयान तब आया जब आज़ाद ने चुनाव आयोग की भूमिका पर संदेह व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसा महसूस हो रहा है कि लोकतंत्र में निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने वाली संस्था "चुनाव आयोग हिटलर आयोग बन रहा है।"

यह बयान चुनाव आयोग की स्वायत्तता और निष्पक्षता पर एक सीधा हमला है, जो दर्शाता है कि आज़ाद समाज पार्टी को यह विश्वास नहीं है कि आयोग बिना किसी राजनीतिक दबाव के अपनी संवैधानिक ज़िम्मेदारियों का निर्वहन कर रहा है।

क्या है एएसपी की आगे की रणनीति?

आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) इन आरोपों को लेकर कानूनी और राजनीतिक दोनों मोर्चों पर लड़ाई लड़ने की तैयारी कर रही है। उनका मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि मतदाता सूची की त्रुटियों को तुरंत सुधारा जाए और जिन लोगों के वोट अवैध रूप से काटे गए हैं, उन्हें उनका लोकतांत्रिक अधिकार वापस मिले।

आगामी दिनों में इस मामले पर चुनाव आयोग और सरकार की प्रतिक्रिया का इंतज़ार रहेगा, क्योंकि यह मुद्दा भारत के सबसे बड़े लोकतंत्र में चुनाव प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करता है।

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