लखनऊ: KGMU के फ़रार डॉक्टर रमीज़ मलिक पर 50,000 का इनाम घोषित, घर पर चस्पा हुआ नोटिस

By  Mohd Juber Khan January 8th 2026 03:00 PM -- Updated: January 8th 2026 03:09 PM

लखनऊ: लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के डॉक्टर रमीज़ मलिक से जुड़े धर्मांतरण और यौन शोषण के मामले ने तूल पकड़ लिया है। उत्तर प्रदेश पुलिस ने आरोपी डॉक्टर की गिरफ़्तारी के लिए दबिश तेज़ कर दी है और उन पर इनाम की राशि भी बढ़ा दी है। यानी अब ये साफ़ हो चुका है कि उत्तर प्रदेश की राजधानी स्थित प्रतिष्ठित संस्थान KGMU (किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी) के रेज़िडेंट डॉक्टर रमीज मलिक की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। दरअसल जबरन धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने और एक महिला सहकर्मी के यौन शोषण के आरोपी डॉक्टर रमीज़ पिछले कई दिनों से फ़रार हैं। लिहाज़ा लखनऊ पुलिस ने अब उनकी गिरफ़्तारी में मदद करने वाली जानकारी देने पर 50,000 रुपये के इनाम की घोषणा की है।

पुलिस की कार्रवाई और कुर्की की चेतावनी

पुलिस ने आरोपी डॉक्टर के घर के बाहर नोटिस चस्पा कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि यदि रमीज़ मलिक जल्द ही आत्मसमर्पण नहीं करते हैं, तो उनके ख़िलाफ़ और भी कठोर क़ानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें संपत्ति की कुर्की (धारा 82/83) भी शामिल हो सकती है।

लखनऊ पुलिस की कई टीमें दिल्ली, उत्तराखंड के खटीमा (आरोपी का पैतृक निवास) और नोएडा में लगातार छापेमारी कर रही हैं। हाल ही में पुलिस ने रमीज़ के माता-पिता को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था, जिनसे मिली जानकारी के आधार पर तलाश को और तेज़ किया गया है।

क्या है पूरा मामला?

यह मामला तब सामने आया जब KGMU के पैथोलॉजी विभाग में तैनात एक महिला रेज़िडेंट डॉक्टर ने रमीज़ मलिक के ख़िलाफ़ चौक कोतवाली में एफ़आईआर दर्ज कराई। पीड़िता के अनुसार:

शादी का झांसा और शोषण: डॉक्टर रमीज़ ने शादी का वादा कर लंबे समय तक पीड़िता का शारीरिक शोषण किया।

धर्म परिवर्तन का दबाव: जब पीड़िता ने शादी का दबाव बनाया, तो रमीज ने शर्त रखी कि उसे इस्लाम धर्म अपनाना होगा। इनकार करने पर उसे कथित तौर पर धमकी दी गई और ब्लैकमेल किया गया।

धोखाधड़ी का ख़ुलासा: जांच के दौरान यह भी सामने आया कि रमीज़ पहले से शादीशुदा थे। उन्होंने अपनी पहली पत्नी (जो स्वयं एक डॉक्टर हैं) का भी कथित तौर पर धर्म परिवर्तन कराया था।

KGMU प्रशासन का सख़्त रुख़

धर्मांतरण और यौन शोषण जैसे गंभीर आरोप लगने के बाद KGMU प्रशासन ने डॉक्टर रमीज़ मलिक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके अलावा, विश्वविद्यालय की 'विशाखा कमेटी' भी इस मामले की आंतरिक जांच कर रही है। डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक ने भी इस मामले में उच्च स्तरीय जांच और सख़्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

हिंदू संगठनों का विरोध

इस मामले को लेकर लखनऊ में हिंदू संगठनों ने भारी आक्रोश व्यक्त किया है। 'लव जिहाद' का आरोप लगाते हुए संगठनों ने KGMU परिसर और लखनऊ की सड़कों पर प्रदर्शन कर आरोपी की जल्द गिरफ़्तारी और सख़्त से सख़्त सज़ा की मांग की है।

आगे की कार्रवाई पर है सबकी नज़र

पुलिस अब रमीज़ मलिक के कॉल डिटेल्स (CDR) और सोशल मीडिया अकाउंट्स को खंगाल रही है, ताकि उनके ठिकाने का सुराग़ लगाया जा सके। पुलिस का कहना है कि जो कोई भी आरोपी के बारे में पुख़्ता जानकारी मुहैया कराएगा, उसे 50,000 रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा और उसकी पहचान भी गुप्त रखी जाएगी।

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