लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के ख़िलाफ़ विपक्ष द्वारा लाए गए 'अविश्वास प्रस्ताव' नोटिस में कमियां- सूत्र

By  Preeti Kamal February 11th 2026 12:12 PM -- Updated: February 11th 2026 12:34 PM

दिल्ली: सूत्रों ने बुधवार को बताया कि विपक्षी सांसदों द्वारा लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को हटाने के लिए दिए गए अविश्वास प्रस्ताव के नोटिस में कुछ कमियां पाई गई हैं। बताया गया है कि नोटिस में फरवरी 2025 की घटनाओं का चार बार उल्लेख किया गया था, जो नियमों के तहत इसे खारिज किए जाने का आधार बन सकता था।

हालांकि, अध्यक्ष ने लोकसभा सचिवालय को निर्देश दिया है कि नोटिस में मौजूद कमियों को दूर कर आगे की कार्रवाई की जाए। सूत्रों के अनुसार, बिरला ने नियमों के अनुसार त्वरित कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। संशोधित नोटिस प्राप्त होने के बाद इसे निर्धारित नियमों के तहत शीघ्र जांचा जाएगा। नोटिस को बजट सत्र के दूसरे चरण की शुरुआत के बाद सूचीबद्ध किया जाएगा।

मंगलवार को कांग्रेस ने लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस सौंपा था, जिस पर 118 सांसदों के हस्ताक्षर थे। विपक्षी सांसदों ने अध्यक्ष पर “खुले तौर पर पक्षपातपूर्ण” आचरण का आरोप लगाया और कहा कि विपक्षी दलों के नेताओं को सदन में बोलने की अनुमति नहीं दी गई। अविश्वास प्रस्ताव के नोटिस में अध्यक्ष के खिलाफ चार घटनाओं का उल्लेख किया गया है। इनमें विपक्ष का यह आरोप भी शामिल है कि लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बोलने नहीं दिया गया।

विपक्ष के 8 सांसदों ने पूर्व प्रधानमंत्रियों पर की गई टिप्पणियों का किया ज़िक्र

विपक्षी सांसदों ने आठ सांसदों के निलंबन, भाजपा सांसद निशिकांत दुबे द्वारा पूर्व प्रधानमंत्रियों पर किए गए “आपत्तिजनक और व्यक्तिगत हमलों” और अध्यक्ष ओम बिरला के उस बयान का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सदन में न आने का अनुरोध किया था ताकि किसी अप्रिय घटना को रोका जा सके, क्योंकि उन्हें सूचना मिली थी कि कुछ कांग्रेस सांसद प्रधानमंत्री की सीट तक आ सकते हैं और “अभूतपूर्व घटना” को अंजाम दे सकते हैं। 

इस बीच, सूत्रों ने जानकारी दी कि अध्यक्ष ओम बिरला ने नैतिक आधार पर यह निर्णय लिया है कि उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के नोटिस के निपटारे तक वह सदन की कार्यवाही में हिस्सा नहीं लेंगे। लोकसभा सचिवालय के सूत्रों के अनुसार, अध्यक्ष को हटाने के प्रस्ताव पर चर्चा 9 मार्च को, बजट सत्र के दूसरे भाग के पहले दिन, होने की संभावना है।

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