UP सरकार के ख़िलाफ़ समाजवादी पार्टी का प्रदर्शन, मंदिरों को तोड़ने का लगाया आरोप
लखनऊ, उत्तर प्रदेश: लखनऊ में यूपी विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन समाजवादी पार्टी (सपा) के नेताओं ने कई मुद्दों को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।समाजवादी पार्टी के MLC आशुतोष सिन्हा ने कहा कि पार्टी वाराणसी में मंदिरों के लगातार ध्वस्तीकरण के मुद्दे पर सरकार को “घेरने” का इरादा रखती है और इस मुद्दे पर सड़क से लेकर विधानसभा तक लड़ाई लड़ेगी।
उन्होंने कहा कि जब से उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार सत्ता में आई है, तब से वे लगातार मंदिरों को गिराने का काम कर रहे हैं। भारत की आज़ादी से पहले या बाद में किसी ने भी उतने मंदिर नहीं गिराए जितने इस सरकार ने किए हैं। हम वाराणसी के निवासी हैं। हम देख रहे हैं कि हमारी आस्था के साथ कैसे खिलवाड़ किया जा रहा है। इसलिए इस मुद्दे पर हम सड़क से लेकर विधानसभा तक सरकार को घेरेंगे।
गरीबी, मज़दूरों, किसानों, युवाओं, बेरोज़गारों आदि मुद्दो पर सरकार जवाबदेह
वहीं, सरकार ने इस बाबत यह दावा किया है कि जो भी वीडियों हैं वो AI से बनाए गए हैं। विपक्ष जनता को भ्रमित कर रहा है, जिसको लेकर FIR दर्ज की गई है। इस पर आशुतोष सिन्हा का कहना है कि सरकार डरी हुई है। जब हम खुद जाकर यह देखना चाहते थे कि वीडियो AI है या सरकार के दावे निराधार हैं, तब सरकार ने हमें रोकने का काम किया। हमारे खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए। पुलिस ने हमें घसीटकर हटाया। ज़रा सोचिए कि यूपी सरकार कितनी डरी हुई है। हमने इस मुद्दे पर सड़क पर लड़ाई लड़ी है और विधानसभा में भी सरकार से सवाल पूछते रहेंगे। उन्होंने आगे कहा कि सपा सरकार को हर मुद्दे पर जवाबदेह बनाती रहेगी। गरीबों, मजदूरों, किसानों, युवाओं, बुनकरों, बेरोजगारों, वकीलों, शिक्षकों और शिक्षा मित्रों से जुड़े हर मुद्दे पर हम सरकार को चुनौती देंगे।
लीक हो चुका है सरकार का बजट
इस दौरान प्रदर्शन में शामिल समाजवादी पार्टी के विधायक रविदास मेहरोत्रा ने कहा कि आज से बजट सत्र शुरू हो रहा है। सरकार का बजट पहले ही लीक हो चुका है; वे 9 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का बजट पेश कर रहे हैं। लेकिन पिछले साल जो बजट पेश किया गया था, उसका 40 प्रतिशत भी अभी तक खर्च नहीं हुआ है। यह सरकार हर मोर्चे पर विफल रही है।
उन्होंने आगे कहा, “राज्य में गुंडों और माफियाओं द्वारा चलाया जा रहा ‘जंगल राज’ स्थापित हो चुका है। यहां तक कि शंकराचार्य भी इस सरकार के खिलाफ बोल रहे हैं। मुख्यमंत्री के पास अब एक दिन भी सत्ता में बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।”