इंडिगो संकट के बाद सरकार का बड़ा क़दम: 3 नई एयरलाइंस को मिली उड़ान की मंज़ूरी
GTC News: भारत के घरेलू विमानन क्षेत्र में लंबे समय से जारी 'डुओपोली' (दो बड़ी कंपनियों का दबदबा) को चुनौती देने के लिए केंद्र सरकार ने कमर कस ली है। नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने घोषणा की है कि मंत्रालय ने तीन नई एयरलाइंस—शंख एयर (Shankh Air), अल हिंद (Al Hind), और फ्लाईएक्सप्रेस (FlyExpress) को अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी कर दिया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब दिसंबर की शुरुआत में देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो (IndiGo) को गंभीर परिचालन संकट का सामना करना पड़ा, जिसके कारण हज़ारों उड़ानें रद्द हुईं और लाखों यात्री प्रभावित हुए।
किन कंपनियों को मिली मंज़ूरी?
मंत्रालय के अनुसार, इन तीनों एयरलाइंस की टीमों ने पिछले सप्ताह मंत्री से मुलाक़ात की थी और अपने बिजनेस प्लान साझा किए थे।
एयरलाइन का नाम स्थिति मुख्यालय/मुख्य आधार विशेष विवरण
शंख एयर (Shankh Air) NOC प्राप्त उत्तर प्रदेश (नोएडा) यह उत्तर प्रदेश की पहली अनुसूचित एयरलाइन होगी। इसका मुख्य हब नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और लखनऊ होगा।
अल हिंद (Al Hind Air) NOC प्राप्त केरल (कोच्चि) केरल स्थित अल हिंद ग्रुप द्वारा प्रवर्तित।
यह शुरुआत में दक्षिण भारत में
क्षेत्रीय कनेक्टिविटी पर ध्यान देगी।
फ्लाईएक्सप्रेस (FlyExpress) NOC प्राप्त - यह भी एक नई क्षेत्रीय एयरलाइन के रूप में उभरेगी, जो छोटे शहरों को जोड़ने का काम करेगी।
क्यों पड़ी नई एयरलाइंस की ज़रूरत?
इंडिगो का संकट और मोनोपोली का डर: दिसंबर 2025 के पहले दो हफ्तों में इंडिगो ने लगभग 4,500 उड़ानें रद्द कीं। इसका मुख्य कारण नए 'फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन' (FDTL) नियमों के पालन में क्रू की कमी थी। इंडिगो के पास बाज़ार का लगभग 65% हिस्सा है। विशेषज्ञों का मानना है कि किसी एक कंपनी पर इतनी ज़्यादा निर्भरता पूरे देश के परिवहन तंत्र के लिए जोखिम भरी है।
प्रतिस्पर्धा और सस्ता किराया: बाज़ार में नए खिलाड़ियों के आने से प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। जब अधिक विकल्प होंगे, तो एयरलाइंस किराए को नियंत्रित रखने और सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए मजबूर होंगी।
क्षेत्रीय कनेक्टिविटी (UDAN योजना):मंत्री राम मोहन नायडू ने साफ़ किया कि सरकार की प्राथमिकता 'उड़ान' (UDAN) योजना के तहत छोटे शहरों को हवाई मार्ग से जोड़ना है। शंख एयर और अल हिंद जैसी एयरलाइंस इसी विजन पर काम करेंगी।
कब शुरू होंगी उड़ानें?
शंख एयर: कंपनी ने संकेत दिए हैं कि वह 2026 की पहली तिमाही तक अपने ऑपरेशंस शुरू कर सकती है। उनके विमानों का तकनीकी परीक्षण चल रहा है।
अल हिंद और फ्लाईएक्सप्रेस: NOC मिलने के बाद, अब ये कंपनियां नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) से एयर ऑपरेटर सर्टिफिकेट (AOC) प्राप्त करने की प्रक्रिया शुरू करेंगी। उम्मीद है कि 2026 के मध्य तक ये भी आसमान में दिखाई देंगी।
नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किंजारापू ने सोशल मीडिया पर कहा, "भारतीय विमानन दुनिया के सबसे तेज़ी से बढ़ते बाज़ारों में से एक है। हमारा प्रयास है कि ज़्यादा से ज़्यादा एयरलाइंस इस क्षेत्र में आएं ताकि यात्रियों को बेहतर सुविधाएं और विकल्प मिल सकें, नई एयरलाइंस के आने से न केवल यात्रियों को राहत मिलेगी, बल्कि विमानन क्षेत्र में रोज़गार के नए मौक़े भी पैदा होंगे।"