बैंककर्मियों के हड़ताल पर जाने से आपकी ज़िंदगी पर पड़ेगा असर!
GTC News: देशभर के सरकारी बैंकों में आज यानी 27 जनवरी 2026 को कामकाज ठप है। यूनाइटेड फ़ोरम ऑफ़ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर बैंक कर्मचारी और अधिकारी एक दिवसीय देशव्यापी हड़ताल पर हैं।
इस हड़ताल के कारण चेक क्लीयरेंस, कैश डिपॉज़िट और विड्रॉल जैसी शाखा स्तर की सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। नीचे इस हड़ताल और कर्मचारियों की मांगों का विस्तृत विवरण दिया गया है:
बैंक हड़ताल: मुख्य मांगें और पूरा मामला
1. 5-दिवसीय कार्य सप्ताह (5-Day Work Week) की मांग
बैंक कर्मचारियों की सबसे प्रमुख और पुरानी मांग है कि बैंकों में हर शनिवार को अवकाश घोषित किया जाए। वर्तमान में, बैंक केवल दूसरे और चौथे शनिवार को बंद रहते हैं, जबकि पहले, तीसरे और पांचवें शनिवार को काम होता है।
तर्क: यूनियनों का कहना है कि RBI, LIC और अन्य सरकारी विभागों में पहले से ही 5-दिवसीय कार्य सप्ताह लागू है।
सहमति के बावजूद देरी: मार्च 2024 में 12वें द्विपक्षीय वेतन समझौते के दौरान 'इंडियन बैंक्स एसोसिएशन' (IBA) और यूनियनों के बीच सभी शनिवारों की छुट्टी पर सहमति बनी थी, लेकिन सरकार की ओर से अभी तक इसकी अधिसूचना (Notification) जारी नहीं की गई है।
2. काम के घंटों में बदलाव का प्रस्ताव
कर्मचारियों ने साफ़ किया है कि वे काम कम करने की मांग नहीं कर रहे हैं। 5-दिवसीय सप्ताह के बदले में, यूनियनें प्रतिदिन 40 मिनट अतिरिक्त काम करने के लिए तैयार हैं, ताकि कुल कामकाजी घंटों और ग्राहकों की सेवा पर कोई असर न पड़े।
3. अन्य मुद्दे
बढ़ता दबाव: बैंककर्मियों का कहना है कि स्टाफ़ की कमी और बढ़ते डिजिटल ट्रांजेक्शन के कारण उन पर मानसिक और शारीरिक दबाव बढ़ा है।
भर्ती और पेंशन: कुछ यूनियनें नई नियुक्तियों और पेंशन अपडेशन की मांग को लेकर भी विरोध जता रही हैं।
हड़ताल का व्यापक असर
यह हड़ताल ग्राहकों के लिए इसलिए भी बड़ी समस्या बन गई है क्योंकि यह छुट्टियों के लंबे सिलसिले के बाद आई है:
24 जनवरी: चौथा शनिवार (अवकाश)
25 जनवरी: रविवार (अवकाश)
26 जनवरी: गणतंत्र दिवस (राष्ट्रीय अवकाश)
27 जनवरी: देशव्यापी हड़ताल
प्रभावित सेवाएं:
सरकारी बैंक: SBI, PNB, बैंक ऑफ बड़ौदा और केनरा बैंक जैसे सभी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में कामकाज ठप है।
निजी बैंक: HDFC, ICICI और Axis बैंक जैसे निजी बैंक इस हड़ताल में शामिल नहीं हैं, इसलिए वहां कामकाज सामान्य रूप से चल रहा है।
डिजिटल सेवाएं: UPI, नेट बैंकिंग और मोबाइल ऐप सेवाएं चालू हैं, हालांकि ATM में नकदी की कमी हो सकती है क्योंकि शाखाएं बंद होने से कैश रीफिलिंग में देरी हो रही है।
"यह आंदोलन ग्राहकों के खिलाफ नहीं, बल्कि एक मानवीय बैंकिंग प्रणाली के लिए है। एक तनावमुक्त बैंकर राष्ट्र की बेहतर सेवा कर सकता है।" — एल. चंद्रशेखर, महासचिव, NCBE