आत्मनिर्भर भारत: स्टार्टअप इंडिया के 10 साल पूरे, मोदी ने भारत को बताया 'नवाचार का वैश्विक केंद्र'
GTC News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज नई दिल्ली के 'भारत मंडपम' में #10YearsOfStartupIndia और राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस के अवसर पर आयोजित एक भव्य कार्यक्रम को संबोधित किया। पिछले एक दशक में भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम में आई क्रांति को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के युवा अब 'जॉब सीकर' (नौकरी मांगने वाले) नहीं, बल्कि 'जॉब क्रिएटर' (नौकरी देने वाले) बन चुके हैं।
नवाचार और आत्मनिर्भरता की नई गाथा
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में स्टार्टअप्स को एक 'मज़बूत और आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था' का आधार बताया। उन्होंने कहा:
"आज का दिन हमारे युवाओं के साहस, नवाचार की सोच और उद्यमी भावना के उत्सव का दिन है। भारत के स्टार्टअप्स ने अंतरिक्ष (Space) से लेकर रक्षा (Defence) जैसे उन क्षेत्रों में भी अपनी पहचान बनाई है, जो पहले अकल्पनीय थे। नवाचार और उद्यम से प्रेरित होकर ये स्टार्टअप्स 'विकसित भारत-2047' के हमारे लक्ष्य को नई ऊर्जा दे रहे हैं।"
एक दशक: 400 से 2 लाख स्टार्टअप्स का सफ़र
इस अवसर पर 'दशक का प्रभाव' (Decade of Impact) रिपोर्ट और एक विशेष खेल/कार्यक्रम विवरणिका का विमोचन भी किया गया। पिछले 10 वर्षों की उपलब्धियों के मुख्य बिंदु नीचे दिए गए हैं:
उपलब्धि विवरण
स्टार्टअप्स की संख्या 2016 में लगभग 400 से बढ़कर अब 2,00,000 (DPIIT मान्यता प्राप्त)
यूनिकॉर्न क्लब भारत अब 120 से अधिक यूनिकॉर्न के साथ दुनिया का तीसरा बड़ा इकोसिस्टम
क्षेत्रीय विस्तार लगभग 50% स्टार्टअप्स टियर-II और टियर-III शहरों से उभर रहे हैं
महिला भागीदारी 48% स्टार्टअप्स में कम से कम एक महिला निदेशक शामिल है
रोज़गार सृजन स्टार्टअप क्षेत्र ने पिछले दशक में 21 लाख से अधिक प्रत्यक्ष रोज़गार दिए हैं
'रिफॉर्म एक्सप्रेस' से मिली नई गति
पीएम मोदी ने कहा कि सरकार की 'रिफॉर्म एक्सप्रेस' ने स्टार्टअप्स के लिए एक अनुकूल वातावरण तैयार किया है। उन्होंने बताया कि किस तरह अंतरिक्ष क्षेत्र को निजी भागीदारी के लिए खोलने के बाद आज 300 से ज़्यादा स्पेस स्टार्टअप्स देश में काम कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने यह भी साझा किया कि भारत 2030 तक $7.3 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनने की राह पर है, जिसमें इन स्टार्टअप्स की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी।
युवाओं के साथ संवाद
समारोह के दौरान प्रधानमंत्री ने देश के अलग-अलग हिस्सों से आए चुनिंदा स्टार्टअप संस्थापकों के साथ संवाद भी किया। उन्होंने उनकी चुनौतियों को समझा और उनके द्वारा विकसित की गई स्वदेशी तकनीकों की सराहना की। उन्होंने कहा कि "जो खेलेगा, वही खिलेगा" की भावना की तरह ही, "जो नवाचार करेगा, वही राष्ट्र को आगे ले जाएगा।"
प्रधानमंत्री का महत्वपूर्ण संदेश
प्रधानमंत्री ने स्टार्टअप जगत से जुड़े सभी हितधारकों (मेंटर, निवेशक और शैक्षणिक संस्थान) का आभार व्यक्त किया और युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी ऊर्जा को राष्ट्र के विकास में लगाएं। उन्होंने विश्वास दिलाया कि सरकार स्टार्टअप्स को हर क़दम पर सहयोग देना जारी रखेगी ताकि भारत वैश्विक स्तर पर नवाचार का सिरमौर बना रहे।