प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय AI स्टार्टअप्स को बताया 'भविष्य के सह-वास्तुकला': राउंडटेबल बैठक की मुख्य बातें

By  Mohd Juber Khan January 8th 2026 04:35 PM -- Updated: January 9th 2026 02:54 PM

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज 8 जनवरी, 2026 को दिल्ली स्थित अपने आवास 7, लोक कल्याण मार्ग पर भारतीय AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) स्टार्टअप्स के साथ एक महत्वपूर्ण राउंडटेबल बैठक की अध्यक्षता की। यह बैठक अगले महीने नई दिल्ली में आयोजित होने वाले 'इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026' की पूर्व संध्या पर एक मील का पत्थर मानी जा रही है। जानकारी के मुताबिक़, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय AI स्टार्टअप जगत के उभरते सितारों के साथ गहन चर्चा की। इस राउंडटेबल में उन 12 स्टार्टअप्स ने हिस्सा लिया, जिन्होंने समिट के फ्लैगशिप प्रोग्राम 'AI फॉर ऑल: ग्लोबल इम्पैक्ट चैलेंज' के लिए क्वालीफाई किया है। प्रधानमंत्री ने इन उद्यमियों की सराहना करते हुए उन्हें भारत के उज्ज्वल भविष्य का 'को-आर्किटेक्ट' (सह-वास्तुकला) क़रार दिया।

12 स्टार्टअप्स और उनके अभिनव विचार

राउंडटेबल में शामिल 12 स्टार्टअप्स ने स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, कृषि और भाषा प्रौद्योगिकी जैसे विविध क्षेत्रों में अपने AI समाधान प्रस्तुत किए। इनके काम के प्रमुख क्षेत्रों में शामिल हैं:

भारतीय भाषा मॉडल (LLMs): क्षेत्रीय भाषाओं में AI की पहुंच बनाना।

हेल्थकेयर डायग्नोस्टिक्स: बीमारियों की शुरुआती पहचान के लिए AI का उपयोग।

जेनेरेटिव AI: ई-कॉमर्स और मार्केटिंग के लिए 3D कंटेंट क्रिएशन।

इंजीनियरिंग सिमुलेशन: डेटा-आधारित त्वरित निर्णय लेने के लिए उन्नत एनालिक्स।

प्रधानमंत्री ने इन स्टार्टअप्स के प्रदर्शन को देखकर ख़ुशी जताई और कहा कि AI नवाचार का केंद्र अब धीरे-धीरे भारत की ओर खिसक रहा है।

"मेड इन इंडिया, मेड फॉर द वर्ल्ड" - पीएम का मंत्र

प्रधानमंत्री मोदी ने स्टार्टअप्स को संबोधित करते हुए तीन मुख्य बिंदुओं पर ज़ोर दिया:

नैतिक और पारदर्शी AI: पीएम ने साफ़ किया कि भारतीय AI मॉडल 'नैतिक, निष्पक्ष और पारदर्शी' होने चाहिए। उन्होंने डेटा गोपनीयता (Data Privacy) के सिद्धांतों का कड़ाई से पालन करने का आग्रह किया।

क्षेत्रीय भाषाओं को बढ़ावा: उन्होंने सुझाव दिया कि भारतीय AI मॉडल को स्थानीय सामग्री और क्षेत्रीय भाषाओं को प्राथमिकता देनी चाहिए ताकि यह 'अंतिम छोर' के व्यक्ति तक पहुंच सके।

वैश्विक विश्वास: पीएम ने कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताक़त 'वैश्विक विश्वास' है, और हमारे AI मॉडल्स को इसी भरोसे पर खरा उतरना चाहिए।

इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026: क्या है ख़ास?

अगले महीने (फरवरी 2026) भारत इस भव्य वैश्विक समिट की मेज़बानी करेगा।

थीम: समिट का मूल मंत्र "पीपल, प्लैनेट और प्रोग्रेस" (People, Planet & Progress) है।

उद्देश्य: इसका लक्ष्य ग्लोबल साउथ (विकासशील देशों) की ज़रूरतों को ध्यान में रखते हुए AI के लोकतंत्रीकरण पर एक वैश्विक सहमति बनाना है।

फ्लैगशिप पहल: इसमें 'AI फॉर ऑल', 'AI बाय हर' (महिला उद्यमियों के लिए) और 'युवा-AI' जैसे चैलेंज आयोजित किए जाएंगे।

सरकार का पूर्ण समर्थन

प्रधानमंत्री ने आश्वासन दिया कि सरकार इन स्टार्टअप्स के सफ़ल मॉडल्स को स्केल-अप करने के लिए हर संभव सहयोग प्रदान करेगी। उन्होंने बताया कि सरकार GPU (ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट) कंप्यूटिंग पावर बढ़ाने और AIKosh जैसे डेटासेट प्लेटफॉर्म को मज़बूत करने पर काम कर रही है ताकि स्टार्टअप्स को संसाधन की कमी न हो।

कुल-मिलाकर कहा जा सकता है कि पीएम मोदी की इस बैठक ने यह साफ़ कर दिया है कि भारत केवल AI का उपभोक्ता नहीं, बल्कि दुनिया के लिए AI समाधान प्रदाता (Solution Provider) बनने की राह पर है। अगले महीने होने वाला समिट न केवल भारत की तकनीकी शक्ति का प्रदर्शन करेगा, बल्कि सुरक्षित और भरोसेमंद AI के लिए वैश्विक दिशा-निर्देश भी तय करेगा।

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