राजघाट पर श्रद्धा सुमन: राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपिता को अर्पित की श्रद्धांजलि

By  Mohd Juber Khan January 30th 2026 12:16 PM

नई दिल्ली: देश आज राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 78वीं पुण्यतिथि पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है। 30 जनवरी को हर साल 'शहीद दिवस' के रूप में मनाया जाता है, और इस वर्ष भी राजघाट से लेकर देश के कोने-कोने तक बापू के आदर्शों को याद किया जा रहा है। आज सुबह दिल्ली स्थित महात्मा गांधी के समाधि स्थल राजघाट पर एक सर्वधर्म प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राजघाट पहुंचकर बापू की समाधि पर पुष्पचक्र अर्पित किया और उन्हें नमन किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी राजघाट पर पुष्पांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया (X) पर अपने संदेश में कहा कि बापू का 'स्वदेशी' का आह्वान आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का आधार स्तंभ है। उन्होंने लिखा, "पूज्य बापू के आदर्श हमें विकसित भारत बनाने के लिए प्रेरित करते हैं।"

इस अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर और अन्य गणमान्य नागरिक भी मौजूद रहे। सेना के तीनों अंगों के प्रमुखों ने भी राष्ट्रपिता को गार्ड ऑफ ऑनर दिया।

सियासी जगत से एकजुट श्रद्धांजलि: भाजपा और कांग्रेस का नमन

राजनीतिक विचारधाराओं से ऊपर उठकर आज सभी दलों ने गांधीजी को याद किया।

भाजपा: प्रधानमंत्री के साथ-साथ भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने गांधीजी के सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलने का संकल्प दोहराया। भाजपा ने बापू के 'स्वच्छता' और 'स्वदेशी' के विजन को आधुनिक भारत की प्रगति से जोड़ा।

कांग्रेस: कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी राजघाट पहुंचकर बापू को नमन किया। राहुल गांधी ने गांधीजी के सिद्धांतों को याद करते हुए कहा कि बापू के विचार नफरत के ख़िलाफ़ मोहब्बत और न्याय की लड़ाई में आज भी सबसे बड़े हथियार हैं। कांग्रेस मुख्यालय में भी विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया।

प्रमुख कार्यक्रम और गतिविधियां

दो मिनट का मौन: देशभर में सुबह 11 बजे उन शहीदों की याद में दो मिनट का मौन रखा गया, जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपने प्राण न्यौछावर किए।

सर्वधर्म प्रार्थना: राजघाट पर हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, बौद्ध और जैन समेत सभी धर्मों के धर्मगुरुओं ने बापू के प्रिय भजनों का पाठ किया। "वैष्णव जन तो..." की मधुर ध्वनियों ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

कुष्ठ जागरूकता अभियान: बापू की पुण्यतिथि के अवसर पर स्वास्थ्य विभाग ने 'स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान' की भी शुरुआत की, क्योंकि गांधीजी ने स्वयं कुष्ठ रोगियों की सेवा में अपना जीवन समर्पित किया था।

प्रदर्शनी: राष्ट्रीय अभिलेखागार और गांधी संग्रहालय में बापू के जीवन और उनके दस्तावेज़ों पर आधारित विशेष प्रदर्शनियां लगाई गई हैं।

सुरक्षा और यातायात

पुण्यतिथि कार्यक्रमों और वीवीआईपी मूवमेंट को देखते हुए मध्य दिल्ली, विशेषकर आईटीओ (ITO), दिल्ली गेट और शांतिवन की ओर जाने वाले रास्तों पर सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए और यातायात डायवर्ट किया गया।

बेशक़, महात्मा गांधी की पुण्यतिथि आज केवल एक शोक का दिन नहीं, बल्कि उनके सत्य, अहिंसा और सादगी के सिद्धांतों को फिर से जीवित करने का अवसर बन गई है। सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों ने ही स्वीकार किया कि गांधीजी के विचार आज के दौर में और भी अधिक प्रासंगिक हैं।

© Copyright Galactic Television & Communications Pvt. Ltd. 2026. All rights reserved.