लोकतंत्र की मज़बूती के लिए भारत का वैश्विक आह्वान: पीएम मोदी ने किया 28वें CSPOC का उद्घाटन
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज संसद के 'संविधान सदन' में राष्ट्रमंडल देशों के स्पीकर्स और पीठासीन अधिकारियों के 28वें सम्मेलन का उद्घाटन किया। इस मौक़े पर उन्होंने भारत की लोकतांत्रिक विरासत को रेखांकित करते हुए डिजिटल युग में लोकतंत्र की चुनौतियों और अवसरों पर प्रकाश डाला।
भव्य स्वागत और उद्घाटन
प्रधानमंत्री जब संसद परिसर पहुंचे, तो लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। उद्घाटन समारोह संविधान सदन के उसी केंद्रीय हॉल में आयोजित किया गया जहां कभी भारतीय संविधान की रचना के लिए संविधान सभा की बैठकें होती थीं।
"विविधता ही लोकतंत्र की शक्ति"
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने अपनी विविधता को कमज़ोरी के बजाय लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताक़त बनाया है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा: "भारत ने दुनिया को दिखाया है कि लोकतांत्रिक संस्थाएं न केवल स्थिरता प्रदान करती हैं, बल्कि विकास की गति (Speed) और पैमाना (Scale) भी सुनिश्चित करती हैं।"
'ग्लोबल साउथ' और डिजिटल नवाचार
प्रधानमंत्री ने वैश्विक मंच पर ग्लोबल साउथ (विकासशील देशों) की आवाज़ बुलंद करने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने घोषणा की कि भारत अपने ओपन-सोर्स तकनीकी प्लेटफॉर्म (जैसे UPI) को साझा करने के लिए तैयार है ताकि अन्य राष्ट्रमंडल देश भी अपनी शासन प्रणालियों को आधुनिक बना सकें।
सम्मेलन के मुख्य विषय
14 से 16 जनवरी 2026 तक चलने वाले इस तीन दिवसीय सम्मेलन में कई समकालीन मुद्दों पर मंथन किया जा रहा है:
आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस (AI): संसदीय कामकाज में नवाचार और पारदर्शिता के लिए AI का संतुलन।
सोशल मीडिया का प्रभाव: सांसदों की कार्यशैली और जनता के साथ उनके संवाद पर सोशल मीडिया का असर।
नागरिक भागीदारी: केवल मतदान तक सीमित न रहकर नागरिकों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ने की नई रणनीतियां।
सांसदों की सुरक्षा और स्वास्थ्य: जनप्रतिनिधियों और संसदीय कर्मचारियों की सुरक्षा एवं भलाई पर विशेष सत्र।
भागीदारी का नया रिकॉर्ड
यह सम्मेलन इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा CSPOC है। इसमें 42 देशों के लगभग 61 स्पीकर्स और पीठासीन अधिकारियों के साथ-साथ 4 अर्ध-स्वायत्त संसदों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए हैं। सम्मेलन की अध्यक्षता लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला कर रहे हैं।
महत्वपूर्ण तथ्य
विवरण जानकारी
आयोजन स्थल संविधान सदन (सेंट्रल हॉल), संसद भवन, नई दिल्ली
मुख्य अतिथि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
सम्मेलन अध्यक्ष ओम बिरला (लोकसभा अध्यक्ष)
मुख्य थीम संसदीय लोकतंत्र की प्रभावी प्रसव (Effective Delivery of Parliamentary Democracy)
पिछला संस्करण 27वां सम्मेलन (युगांडा, 2024)
बहरहाल यह आयोजन न केवल भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति वैश्विक विश्वास को दर्शाता है, बल्कि डिजिटल युग में उभरती चुनौतियों के समाधान के लिए एक साझा मंच भी प्रदान करता है।