राष्ट्रीय किसान दिवस: 'अन्नदाताओं' के सम्मान में उमड़ा देश
GTC News: आज पूरा भारत 'राष्ट्रीय किसान दिवस' मना रहा है। यह दिन उन करोड़ों किसानों के प्रति कृतज्ञता ज़ाहिर करने का मौक़ा है, जो देश की खाद्य सुरक्षा और अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। हर साल 23 दिसंबर को यह विशेष दिन भारत के पांचवें प्रधानमंत्री और किसानों के मसीहा कहे जाने वाले चौधरी चरण सिंह की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाता है।
चौधरी चरण सिंह: किसानों के सच्चे 'मसीहा'
23 दिसंबर, 1902 को उत्तर प्रदेश के मेरठ ज़िले में जन्मे चौधरी चरण सिंह ने अपना पूरा जीवन ग्रामीण भारत और किसानों के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया। उन्हें भारतीय राजनीति में 'किसानों का चैंपियन' माना जाता है।
प्रमुख सुधार: उन्होंने उत्तर प्रदेश में जमींदारी उन्मूलन और भूमि सुधार लागू करने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई।
नीतिगत बदलाव: उन्होंने 'बजट' का एक बड़ा हिस्सा कृषि और ग्रामीण विकास के लिए आवंटित करने की वकालत की।
सम्मान: साल 2024 में उनकी विरासत को सम्मान देते हुए भारत सरकार ने उन्हें मरणोपरांत 'भारत रत्न' से नवाज़ा था।
2025 की विशेष झलकियां: तकनीक और आधुनिकता पर ज़ोर
इस वर्ष किसान दिवस का मुख्य फोकस 'विकसित भारत 2047' और कृषि में आधुनिक तकनीक के समावेश पर रहा।
ट्रैक्टर वितरण कार्यक्रम: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में पूर्व प्रधानमंत्री की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और सैकड़ों किसानों को निशुल्क ट्रैक्टर की चाबियां सौंपी।
डिजिटल कृषि: सरकार द्वारा 'ड्रोन तकनीक' और 'e-NAM' जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से किसानों को सीधे बाजार से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।
सम्मान समारोह: देशभर के कृषि विज्ञान केंद्रों में 'उन्नत किसान' पुरस्कार वितरित किए गए, जिसमें जैविक खेती (Organic Farming) और 'प्राकृतिक खेती' करने वाले किसानों को सम्मानित किया गया।
किसानों के कल्याण के लिए प्रमुख सरकारी योजनाएं
इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी किसानों को शुभकामनाएं देते हुए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। वर्तमान में देश में किसानों के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं चल रही हैं:
योजना का नाम मुख्य उद्देश्य
PM-KISAN किसानों को ₹6,000 की वार्षिक सीधी नकद सहायता।
PM फसल बीमा योजना प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसल नुकसान पर बीमा कवर।
किसान मान-धन योजना 60 वर्ष की आयु के बाद ₹3,000 की मासिक पेंशन।
सॉइल हेल्थ कार्ड मिट्टी की गुणवत्ता के आधार पर खाद के सही उपयोग की जानकारी।
चुनौतियां और भविष्य की राह
जहां एक ओर कृषि क्षेत्र में रिकॉर्ड उत्पादन हो रहा है, वहीं जलवायु परिवर्तन और गिरता भूजल स्तर बड़ी चुनौतियां बनी हुई हैं। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में "पर ड्रॉप, मोर क्रॉप" (प्रति बूंद अधिक फसल) और स्मार्ट कृषि ही किसानों की आय दोगुनी करने का एकमात्र रास्ता है।"जब तक किसान समृद्ध नहीं होगा, देश कभी आत्मनिर्भर नहीं बन सकता।" — चौधरी चरण सिंह