भारत-जर्मनी शिखर सम्मेलन 2026: गांधीनगर में समझौतों की बौछार, अहमदाबाद में दिखा सांस्कृतिक संगम
गांधीनगर/अहमदाबाद: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ के बीच आज गुजरात के गांधीनगर स्थित महात्मा मंदिर में उच्च स्तरीय द्विपक्षीय बैठक हुई। चांसलर मर्ज़ की यह पहली भारत यात्रा है, जो भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी के 25 वर्ष और राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर हो रही है।
द्विपक्षीय वार्ता के मुख्य बिंदु
प्रधानमंत्री मोदी और चांसलर मर्ज़ के बीच हुई प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता में रक्षा, सुरक्षा, प्रौद्योगिकी और हरित ऊर्जा पर विशेष ध्यान दिया गया।
रक्षा सहयोग: दोनों नेताओं ने रक्षा क्षेत्र में "मेक इन इंडिया" के तहत संयुक्त उत्पादन और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण को बढ़ावा देने पर सहमति ज़ाहिर की।
ग्रीन हाइड्रोजन: 'इंडो-जर्मन ग्रीन हाइड्रोजन रोडमैप' को आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए।
कौशल और गतिशीलता: भारतीय छात्रों और कुशल श्रमिकों के लिए जर्मनी में अवसरों को सुगम बनाने के लिए 'माइग्रेशन एंड मोबिलिटी' साझेदारी को विस्तार दिया गया।
हस्ताक्षरित महत्वपूर्ण समझौते (MoUs)
बैठक के बाद दोनों देशों के बीच कई क्षेत्रों में सहयोग को लेकर सहमति बनी:
नागरिक उड्डयन (Civil Aviation): विमानन सुरक्षा और हवाई यातायात प्रबंधन में सहयोग के लिए संयुक्त घोषणा पत्र।
नवाचार और स्टार्टअप: डीप-टेक स्टार्टअप्स और रिसर्च के लिए विनिमय कार्यक्रम की शुरुआत।
नवीकरणीय ऊर्जा: हरित ऊर्जा कार्यों के लिए 100 अरब डॉलर के वैश्विक लक्ष्य की ओर क़दम बढ़ाते हुए नए निवेश की प्रतिबद्धता।
अहमदाबाद: साबरमती के तट पर 'काइट डिप्लोमेसी'
द्विपक्षीय वार्ता से पहले, प्रधानमंत्री मोदी ने चांसलर मर्ज़ का स्वागत अहमदाबाद के साबरमती आश्रम में किया। दोनों नेताओं ने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की और चरखा भी चलाया।
अंतर्राष्ट्रीय पतंग महोत्सव: इसके बाद दोनों नेता साबरमती रिवरफ्रंट पहुंचे, जहां उन्होंने 'अंतर्राष्ट्रीय पतंग महोत्सव 2026' का उद्घाटन किया।
दोनों नेताओं को एक साथ पतंग उड़ाते देखा गया, जिसे 'काइट डिप्लोमेसी' के रूप में देखा जा रहा है।
भविष्य की दिशा
प्रधानमंत्री मोदी ने साझा प्रेस बयान में कहा, "भारत और जर्मनी का साथ वैश्विक स्थिरता और विकास के लिए अपरिहार्य है। चांसलर मर्ज़ की यह यात्रा हमारे आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।" चांसलर मर्ज़ कल बेंगलुरु के लिए रवाना होंगे, जहाँ वे जर्मन कंपनी बॉश (Bosch) और नैनो विज्ञान केंद्र (CeNSE) का दौरा करेंगे।