उत्तर भारत में छाई घने कोहरे की चादर, रेल यातायात की रफ़्तार पर लगा ब्रेक

By  Mohd Juber Khan January 2nd 2026 03:41 PM -- Updated: January 2nd 2026 04:14 PM

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के पंडित दीनदयाल उपाध्याय (DDU) जंक्शन पर नए साल की शुरुआत यात्रियों के लिए भारी मुसीबत लेकर आई है। दरअसल उत्तर भारत में छाई घने कोहरे की चादर और हाड़ कंपा देने वाली ठंड ने रेल यातायात की रफ़्तार पर ब्रेक लगा दिया है। दिल्ली-हावड़ा रेल रूट पर चलने वाली सबसे प्रतिष्ठित राजधानी एक्सप्रेस से लेकर अमृत भारत जैसी प्रीमियम ट्रेनें 10 से 15 घंटे की देरी से चल रही हैं।डीडीयू जंक्शन पर यात्री प्लेटफॉर्मों और वेटिंग हॉल में ठिठुरने को मजबूर हैं।

डबल अटैक: प्रीमियम ट्रेनों की स्थितिघने कोहरे के कारण विजिबिलिटी (दृश्यता) शून्य होने की वजह से लोको पायलट्स को ट्रेनें बेहद धीमी गति (60-75 किमी/घंटा) से चलानी पड़ रही हैं। इसका सबसे ज्यादा असर राजधानी और दुरंतो जैसी ट्रेनों पर पड़ा है, जो अपनी समयबद्धता के लिए जानी जाती हैं।

         प्रमुख ट्रेनों की देरी का विवरण (2 जनवरी 2026):

 ट्रेन का नाम                                                        अनुमानित देरी

भुवनेश्वर दुरंतो एक्सप्रेस (12282)                            15 घंटे

भागलपुर अजमेर हमसफर (13423)                     15 घंटे

सियालदह राजधानी एक्सप्रेस (12314)                  13 घंटे

पटना (राजेंद्र नगर) तेजस राजधानी (12310)       10 घंटे

संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस (12394)                                 12 घंटे

अमृत भारत एक्सप्रेस (22362)                                 09 घंटे

ब्रह्मपुत्र मेल / मगध एक्सप्रेस                                     04 - 05 घंटे

DDU जंक्शन पर यात्रियों का हाल

डीडीयू जंक्शन, जो कि पूर्व मध्य रेलवे का एक प्रमुख पड़ाव है, वहां वर्तमान में पैर रखने तक की जगह नहीं है।

भीषण ठंड की मार: जंक्शन पर तापमान गिरने और सर्द हवाओं के चलने से यात्री प्लेटफॉर्म पर चादरें और कंबल ओढ़कर बैठने को मजबूर हैं।

पूछताछ काउंटरों पर भीड़: ट्रेनों के समय में लगातार हो रहे बदलाव के कारण इंक्वायरी काउंटरों पर भारी भीड़ देखी जा रही है। मोबाइल एप्स पर 'लाइव स्टेटस' भी कोहरे के कारण सटीक जानकारी देने में संघर्ष कर रहे हैं।

टिकट कैंसिलेशन: लंबी देरी से परेशान होकर सैंकड़ों यात्री अपनी यात्रा रद्द कर रहे हैं। अकेले कानपुर और डीडीयू रूट पर हजारों यात्रियों ने रिफंड के लिए आवेदन किया है।

"हम बनारस घूमने आए थे और हमें सियालदह जाना था। ट्रेन 12 घंटे से ज्यादा लेट है। स्टेशन पर बच्चों और बुज़ुर्गों के साथ रुकना इस ठंड में किसी सजा से कम नहीं है।"— सुतापा घोष, एक प्रभावित यात्री

रेलवे का पक्ष और सुरक्षा उपाय

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यात्रियों की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। घने कोहरे में 'फॉग सेफ डिवाइस' का उपयोग किया जा रहा है, लेकिन सुरक्षित संचालन सुनिश्चित करने के लिए गति को नियंत्रित करना अनिवार्य है। उत्तर प्रदेश के 30 से अधिक जिलों में घने कोहरे का रेड अलर्ट जारी है, जिससे आने वाले कुछ दिनों तक यह स्थिति बनी रहने की संभावना है।

यात्रियों के लिए सुझाव:

घर से निकलने से पहले रेलवे के आधिकारिक नंबर 139 या NTES एप पर अपनी ट्रेन का करंट स्टेटस जरूर चेक करें।लंबी देरी की स्थिति में स्टेशन के प्रतीक्षालयों (Waiting Rooms) का उपयोग करें।पर्याप्त गर्म कपड़े और खाने-पीने का जरूरी सामान साथ रखें।

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