प्रो रेसलिंग लीग (PWL) 2026 की घोषणा से कुश्ती प्रेमियों का 'जोश हाई'

By  Mohd Juber Khan January 30th 2026 12:54 PM

नोएडा: राजधानी दिल्ली से सटे नोएडा में आयोजित प्रो रेसलिंग लीग (PWL) 2026 ने भारतीय कुश्ती प्रेमियों के लिए एक नया जोश पैदा कर दिया है। यक़ीननी 7 साल के लंबे अंतराल के बाद वापस लौटी इस लीग ने न केवल खेलों की दुनिया में हलचल मचा दी है, बल्कि भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के प्रति टीम मालिकों और खिलाड़ियों के विश्वास को भी बहाल किया है। भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष संजय सिंह इस लीग की सफ़लता और इसके भविष्य को लेकर ख़ासे उत्साहित नज़र आए।

7 साल बाद सफ़ल वापसी: "विश्वास की जीत"

संजय सिंह ने बताया कि प्रो रेसलिंग लीग का कारवां 2019 के बाद अचानक रुक गया था। उन्होंने इसके कारणों और वापसी की चुनौतियों पर खुलकर बात की:

कोविड और अन्य बाधाएं: संजय सिंह ने कहा, "कोविड-19 महामारी की वजह से लीग को रोकना पड़ा था। उसके बाद भी कुछ अन्य कारणों और विवादों के चलते हमारा काफ़ी क़ीमती समय बर्बाद हुआ। लेकिन अब यह आख़िरकार फ़िर से शुरू हो गई है।"

भरोसा जीतना बड़ी चुनौती: अध्यक्ष ने ज़ोर देकर कहा कि लीग को दोबारा खड़ा करने के लिए सबसे बड़ी चुनौती स्टेकहोल्डर्स का भरोसा जीतना था। उन्होंने कहा, "हमें टीम मालिकों और खिलाड़ियों का विश्वास फिर से हासिल करना था, जो हमने पूरी तरह कर लिया है। उन्होंने महासंघ पर अपनी आस्था जताई है और इसी का नतीजा है कि लीग आज इतनी सफल रही है।"

PWL 2026: एक नज़र में

इस बार की लीग को एक नए कलेवर और पारदर्शिता के साथ पेश किया गया है।

विवरण                                                जानकारी

आयोजन स्थल                                 नोएडा इंडोर स्टेडियम, उत्तर प्रदेश

कुल टीमें                                             6 (दिल्ली, हरियाणा, मुंबई, महाराष्ट्र, पंजाब और यूपी)

प्रमुख खिलाड़ी                                 अमन सहरावत, युई सुसाकी (ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता), अंतिम पंघाल

स्वरूप                                                15 लीग मैच, सेमीफ़ाइनल और ग्रैंड फिनाले (1 फरवरी)

नया मॉडल                                       ओनो मीडिया (ONO Media) के साथ सार्वजनिक-निजी भागीदारी

खिलाड़ियों के लिए वैश्विक मंच

संजय सिंह का मानना है कि यह लीग केवल एक टूर्नामेंट नहीं, बल्कि भारतीय पहलवानों के लिए 'देश का असली दंगल' है।

अंतरराष्ट्रीय एक्सपोजर: इस लीग में 20 से अधिक देशों के पहलवान हिस्सा ले रहे हैं, जिससे स्थानीय खिलाड़ियों को ओलंपिक स्तर की प्रतिभाओं के साथ भिड़ने का मौक़ा मिल रहा है।

महिला कुश्ती पर ज़ोर: इस बार 'मातृ शक्ति' को विशेष महत्व दिया गया है। हर टीम में महिला पहलवानों की अनिवार्य भागीदारी सुनिश्चित की गई है।

"जैसे आईपीएल ने क्रिकेट का चेहरा बदल दिया, प्रो रेसलिंग लीग भारतीय कुश्ती के लिए वही क्रांति लाएगी।" — संजय सिंह, अध्यक्ष (WFI)

लीग का वर्तमान स्टेटस

लीग अब अपने निर्णायक दौर में पहुंच चुकी है। हरियाणा थंडर ने लीग स्टेज में अपना दबदबा कायम रखते हुए शीर्ष स्थान हासिल किया है। 30 और 31 जनवरी को सेमीफाइनल मुकाबले खेले जा रहे हैं, जबकि खिताबी भिड़ंत 1 फरवरी 2026 को नोएडा के इसी स्टेडियम में होगी।

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