कांग्रेस के बड़े नेता की पत्नी पर लगा 'पाकिस्तान से सैलरी लेने' का सनसनीखेज़ आरोप

By  Mohd Juber Khan February 17th 2026 04:26 PM

GTC News: असम की राजनीति में आजकल भारी उथल-पुथल मची हुई है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने एक तरफ़ कांग्रेस के कद्दावर नेता भूपेन कुमार बोरा के प्रति नरम रुख़ दिखाते हुए उनके घर जाने का एलान किया है, वहीं दूसरी तरफ़ कांग्रेस सांसद और प्रदेश कांग्रेस के प्रमुख चेहरे गौरव गोगोई पर 'पाकिस्तान कनेक्शन' को लेकर तीखे हमले भी किए हैं। मुख्यमंत्री के इन बयानों ने असम में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले सियासी सरगर्मी को चरम पर पहुंचा दिया है।

भूपेन बोरा के घर जाएंगे मुख्यमंत्री: "राजनीति अपनी जगह, रिश्ते अपनी जगह"

मुख्यमंत्री सरमा ने घोषणा की है कि वह आज शाम 6:30 से 7:00 बजे के बीच पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेन कुमार बोरा के आवास पर जाएंगे।

पृष्ठभूमि: गौरतलब है कि हाल ही में भूपेन बोरा ने कांग्रेस से इस्तीफ़ा देने की पेशकश की थी, जिसे बाद में पार्टी नेतृत्व के हस्तक्षेप के बाद उन्होंने पुनर्विचार के लिए फिलहाल टाल दिया है।

भाजपा का न्योता: इस बाबत असम के मुख्यमंत्री ने साफ़तौर पर कहा कि भाजपा के दरवाज़े बोरा के लिए खुले हुए हैं। उन्होंने बोरा को कांग्रेस का 'आख़िरी हिंदू नेता' बताया, जो बिना किसी वंशवादी राजनीति के संघर्ष कर रहे थे।

मुख्यमंत्री का बयान: "मेरी उनसे फ़ोन पर बात हुई है। मैं उनके भविष्य के राजनीतिक विज़न पर चर्चा करने जा रहा हूं। राजनीति अपनी जगह है, लेकिन हम पुराने साथी रहे हैं।"

गौरव गोगोई पर गंभीर आरोप: "पाकिस्तान से सैलरी क्यों?"

एक तरफ़ जहां भूपेन बोरा के प्रति सहानुभूति दिखी, वहीं गौरव गोगोई के ख़िलाफ़ मुख्यमंत्री बेहद आक्रामक नज़र आए। उन्होंने गोगोई की पत्नी और उनके पुराने दौरों को लेकर राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े सवाल उठाए हैं।

हेमंब बिस्वा सरमा के आरोप और सवाल

रहस्यमयी पाकिस्तान यात्रा: सीएम सरमा ने दावा किया है कि दिसंबर 2013 में गौरव गोगोई ने पाकिस्तान में 10 दिन बिताए थे। उन्होंने सवाल किया कि क्या उन्हें वहां कोई 'विशेष ट्रेनिंग' मिली थी?

पत्नी का 'पाकिस्तान कनेक्शन': मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि गौरव गोगोई की ब्रिटिश पत्नी, एलिज़ाबेथ कोलबर्न, भारत में रहने के बावजूद पाकिस्तान स्थित एक संस्था (LEAD Pakistan) से सैलरी ले रही थीं।

FCRA नियमों का उल्लंघन: सीएम ने दावा किया कि पाकिस्तान से पैसा 'पास-थ्रू' मैकेनिज़्म के ज़रिए भारत भेजा गया, जो सीधे तौर पर विदेशी चंदा (संशोधन) अधिनियम का उल्लंघन है।

ख़ुफ़िया जानकारी साझा करने का शक़: मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि एलिज़ाबेथ ने भारत की जलवायु नीति और ख़ुफ़िया ब्यूरो (IB) से जुड़ी कथित संवेदनशील रिपोर्ट्स पाकिस्तानी एजेंट अली तौक़ीर शेख़ को भेजी थीं।

हेमंत बिस्वा सरमा ने बेलागलपेट कहा, "पाकिस्तान हमारा दुश्मन देश है, भारत में नौकरी करने के बावजूद कोई पाकिस्तान से सैलरी क्यों ले रहा था? ये सवाल सिर्फ़ मेरे नहीं, असम की जनता के हैं।"

सियासी समीकरण और जांच

असम कैबिनेट ने इन आरोपों की गंभीरता को देखते हुए मामले की जांच केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) को सौंपने की सिफ़ारिश की है। याद रहे कि राज्य की एक विशेष जांच टीम (SIT) पहले ही इस मामले में अपनी रिपोर्ट सौंप चुकी है, जिसमें 'रॉवलपिंडी' की अघोषित यात्रा का भी ज़िक्र है।

बहरहाल, मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा सरमा का यह क़दम असम कांग्रेस में दरार पैदा करने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। एक तरफ़ वह ज़मीनी स्तर के नेताओं (जैसे भूपेन बोरा) को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ़ दिल्ली केंद्रित नेतृत्व (जैसे गौरव गोगोई) को 'राष्ट्रविरोधी' बताकर जनता के बीच घेर रहे हैं।

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