भारत को वैश्विक शक्ति बनाएगी 'टेक्स-रैम्प्स' योजना

By  Mohd Juber Khan December 1st 2025 10:26 AM -- Updated: December 1st 2025 10:28 AM

GTC News: भारत सरकार ने देश के कपड़ा उद्योग को एक नई ऊंचाई पर ले जाने और वैश्विक बाज़ार में इसकी प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाने के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना को मंज़ूरी दी है। इस योजना का नाम है - 'टेक्सटाइल्स फोकस्ड रिसर्च, असेसमेंट, मॉनिटरिंग, प्लानिंग एंड स्टार्ट-अप' (Textiles Focused Research, Assessment, Monitoring, Planning and Start-up - TEX-RAMPS)।

इस योजना के तहत, सरकार का लक्ष्य अनुसंधान, नवाचार, डेटा-आधारित नीति-निर्माण और स्टार्टअप्स को सशक्त बनाकर भारत को स्थिर, प्रौद्योगिकी और प्रतिस्पर्धात्मकता में एक वैश्विक गुरु के रूप में स्थापित करना है।

₹305 करोड़ का कुल परिव्यय

केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय द्वारा पूरी तरह से वित्तपोषित इस योजना को वित्त वर्ष 2025-26 से वित्त वर्ष 2030-31 की अवधि के लिए मंज़ूरी दी गई है। इसके लिए कुल ₹305 करोड़ का बजट निर्धारित किया गया है।

क्या है 'टेक्स-रैम्प्स' योजना?

केंद्रीय वस्त्र मंत्री श्री गिरिराज सिंह ने इस पहल की घोषणा करते हुए कहा कि 'टेक्स-रैम्प्स' योजना भारत के वस्त्र क्षेत्र को भविष्य के लिए तैयार (Future-proof) करने और कपड़ा और परिधान (Textiles & Apparel - T&A) इको-सिस्टम में मौजूद महत्वपूर्ण कमियों को दूर करने पर केंद्रित है। यह योजना मुख्य रूप से पाँच स्तंभों पर आधारित है:

1. अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा

स्मार्ट टेक्सटाइल, स्थिरता, प्रक्रिया दक्षता और उभरती प्रौद्योगिकियों जैसे क्षेत्रों में उन्नत अनुसंधान और विकास (R&D) को बढ़ावा देना।

यह पहल भारत की नवाचार क्षमता को बढ़ाने का कार्य करेगी।

2. डेटा, एनालिटिक्स और डायग्नोस्टिक्स

मज़बूत डेटा प्रणालियों का विकास करना, जिसमें रोज़गार आकलन, आपूर्ति-श्रृंखला मैपिंग और 'इंडिया-साइज' अध्ययन का विस्तार शामिल है।

यह डेटा-आधारित और प्रमाण-आधारित नीति-निर्माण को सुगम बनाएगा।

3. एकीकृत वस्त्र सांख्यिकी प्रणाली (ITSS)

यह एक रियल-टाइम, एकीकृत डेटा और एनालिटिक्स प्लेटफॉर्म होगा।

इसका उद्देश्य सेक्टर की संरचित निगरानी और रणनीतिक निर्णय लेने में सहायता करना है।

4. क्षमता विकास और ज्ञान इको-सिस्टम

राज्यों के स्तर पर बेहतर योजना, सर्वोत्तम प्रथाओं का प्रसार, क्षमता-निर्माण कार्यशालाएँ और क्षेत्रीय कार्यक्रमों का आयोजन करके ज्ञान-आधारित इको-सिस्टम को मज़बूत करना।

5. स्टार्ट-अप और नवाचार समर्थन

युवा इनोवेटर्स और उद्यमियों को समर्थन देना।

हाई-वैल्यू टेक्सटाइल स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए इनक्यूबेटर, हैकथॉन और शिक्षा जगत-उद्योग के बीच सहयोग को प्रोत्साहित करना।

टेक्स-रैम्प्स से क्या अपेक्षित है?

वस्त्र मंत्रालय के अनुसार, यह योजना निम्नलिखित प्रमुख परिणाम देने की उम्मीद है:

वैश्विक बाज़ारों में भारत की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाना।

अनुसंधान और नवाचार इको-सिस्‍टम को मज़बूत करना।

डेटा-संचालित नीति-निर्माण में सुधार लाना।

नए रोज़गार के अवसर पैदा करना।

राज्यों, उद्योग, शैक्षणिक क्षेत्र और सरकारी संस्थानों के बीच गहन सहयोग को बढ़ावा देना।

'टेक्स-रैम्प्स' को भारत के वस्त्र क्षेत्र को लचीला, प्रौद्योगिकी रूप से उन्नत और विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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