'जीवन पर्यन्त कर्तव्य' - सीमा सुरक्षा बल (BSF) आज मना रहा अपना स्थापना दिवस!

By  Mohd Juber Khan December 1st 2025 02:02 PM

GTC News: 1 दिसंबर को भारत का 'फर्स्ट लाइन ऑफ डिफेंस' कहे जाने वाला सीमा सुरक्षा बल (Border Security Force - BSF) अपना स्थापना दिवस मना रहा है। देश की अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं की सुरक्षा में तैनात यह बल हर साल इस दिन को राष्ट्र के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता को दोहराते हुए मनाता है।

बीएसएफ की स्थापना क्यों और कब हुई?

बीएसएफ की स्थापना का इतिहास 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध से जुड़ा है।

स्थापना: 1 दिसंबर, 1965

बीएसएफ की पृष्ठभूमि: 

1965 के युद्ध से पहले, भारत की सीमाओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी विभिन्न राज्य सशस्त्र पुलिस बलों के पास थी। युद्ध के दौरान, इन बलों की अपर्याप्तता उजागर हुई।उद्देश्य: इस अनुभव के बाद, सरकार ने एक एकीकृत, केंद्रीकृत और विशेष बल की आवश्यकता महसूस की, जिसका एकमात्र प्राथमिक उद्देश्य देश की अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं की निगरानी और सुरक्षा करना हो। इसी उद्देश्य के साथ सीमा सुरक्षा बल (BSF) का गठन किया गया, जो आज गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) के प्रशासनिक नियंत्रण में कार्य करता है।

आदर्श वाक्य: BSF का आदर्श वाक्य है - "जीवन पर्यन्त कर्तव्य" (Duty Unto Death)।

विश्व का सबसे बड़ा सीमा रक्षक बल

बीएसएफ की ताकतबीएसएफ न केवल भारत का एक प्रमुख सशस्त्र बल है, बल्कि यह विश्व का सबसे बड़ा सीमा रक्षक बल भी है। इसकी ताकत और क्षमताएं इसे देश की सीमाओं का अभेद्य प्रहरी बनाती हैं:विशेषताविवरणबल संख्यालगभग 2.6 लाख से अधिक कर्मी।बटालियनलगभग 193 बटालियन (आपदा प्रबंधन बटालियनों सहित)।

बीएसएफ का तैनाती क्षेत्र

भारत-पाकिस्तान और भारत-बांग्लादेश की अंतर्राष्ट्रीय सीमाएं, नियंत्रण रेखा (LoC) पर भारतीय सेना के साथ-साथ नक्सल विरोधी अभियानों में भी।

विशेष विंग: BSF एकमात्र केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) है जिसके पास अपनी एयर विंग, मरीन विंग और तोपखाना रेजिमेंट (Artillery Regiment) है।आधुनिक उपकरणघुसपैठ और ड्रोन हमलों को रोकने के लिए आधुनिक निगरानी उपकरण (Surveillance Equipment), कैमरे और एंटी-ड्रोन सिस्टम का उपयोग।कानूनी शक्तियांनारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सबस्टेंस (NDPS) अधिनियम और सीमा शुल्क अधिनियम जैसे कई कानूनों के तहत गिरफ्तारी, तलाशी और जब्त करने की शक्तियां प्राप्त हैं।

 बीएसएफ की बहुआयामी भूमिका और कार्य

बीएसएफ की जिम्मेदारी केवल सीमा पर गश्त तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह शांति और युद्ध दोनों समय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है:

शांति काल में मुख्य भूमिका (Peacetime Role):

सीमा सुरक्षा और निगरानी: अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं पर निरंतर निगरानी रखना और भारत भूमि की रक्षा करना।

अंतर्राष्ट्रीय अपराधों की रोकथाम: सीमा पार से होने वाली तस्करी (Smuggling), अवैध प्रवेश और अन्य गैर-कानूनी गतिविधियों को रोकना।सुरक्षा की भावना: 

सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों के बीच सुरक्षा की भावना को बढ़ावा देना और उनसे समन्वय स्थापित करना।खुफिया जानकारी: 

सीमा पार की खुफिया जानकारी जुटाना।

युद्ध काल में भूमिका (Wartime Role):

सेना को सहयोग: भारतीय सेना के साथ मिलकर सीमा की रक्षा करना और मार्गदर्शन प्रदान करना।

सीमित आक्रामक कार्रवाई: शत्रु की अनियमित सेनाओं के खिलाफ सीमित आक्रामक कार्रवाई करना।

शरणार्थी नियंत्रण: युद्ध के दौरान शरणार्थियों के आवागमन को नियंत्रित करना।

आंतरिक सुरक्षा: आवश्यकता पड़ने पर आंतरिक सुरक्षा कर्तव्यों और कानून व्यवस्था बनाए रखने में भी योगदान देना।

बीएसएफ अपने अदम्य साहस और बलिदान के लिए जाना जाता है, जिसने 1971 के बांग्लादेश मुक्ति युद्ध और 1999 के कारगिल संघर्ष जैसे महत्वपूर्ण युद्धों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

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